हरियाणा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम ने रुड़की के आवास-विकास स्थित अस्पताल में जांच की। इस दौरान टीम ने डॉक्टर को महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग परीक्षण करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने दो दलालों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने डॉक्टर और दोनों दलालों के पास से हजारों की नकदी बरामद की है। साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त कर ली। हरियाणा पुलिस टीम तीनों को अपने साथ ले गई है।
हरियाणा के भिवानी की स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम रविवार दोपहर रुड़की के आवास विकास स्थित डॉ. एनडी अरोड़ा के अस्पताल में पहुंची थी। टीम की नोडल अधिकारी डॉ. संगीता ने बताया कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि इस अस्पताल में भ्रूण लिंग की जांच की जा रही है। शिकायत मिलने पर एक टीम का गठन किया गया। इसके बाद एक महिला को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तैयार किया गया, ताकि चिकित्सक को रंगेहाथ पकड़ा जा सके। इसके लिए हरियाणा जिले झज्जर निवासी यशपाल से संपर्क किया। यशपाल ने रुड़की में भ्रूण लिंग की जांच करा देने की बात कही।
इसके बाद यशपाल ने मंगलौर निवासी संजय से संपर्क किया। दोनों से 35 हजार रुपये में लिंग परीक्षण कराने का सौदा तय हुआ। इस पर महिला के साथ टीम के दो सदस्यों को परिजन बनाकर रुड़की के एनडी अरोड़ा के अस्पताल में भेजा गया। जांच के दौरान टीम ने डॉक्टर को रंगेहाथ पकड़ लिया। साथ ही दोनों दलालों को भी गिरफ्तार कर लिया। टीम ने डॉक्टर की तलाशी ली तो 10 हजार, यशपाल के पास से 11000 हजार और संजय के पास से 14000 रुपये बरामद हुए। डॉ. संगीता ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त कर लिया है। डॉ. संगीता ने बताया कि तीनों के खिलाफ भिवानी में केस दर्ज करवाया जाएगा।
पहले भी पकड़ी जा चुके हैं एनडी अरोड़ा
यह पहला मौका नहीं है जब हरियाणा की टीम ने डॉ. एनडी अरोड़ा को भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में पकड़ा है। करीब तीन साल पहले भी हरियाणा की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एनडी अरोड़ा को लिंग परीक्षण की जांच करते हुए पकड़ा था।
पांच गाड़ियों से पहुंची थी टीम
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पांच गाड़ियों से रुड़की पहुंची थी। एक गाड़ी में जिस महिला का अल्ट्रासाउंड होना था उसे बैठाया गया था। जबकि चार अन्य गाड़ियों में स्वास्थ्य विभाग की टीम के अधिकारी और कर्मचारी व पुलिस की टीम थी। टीम ने पूरी प्लानिंग के तहत अस्पताल में कार्रवाई की।