रविवार सुबह चर्च में हुए बवाल के बाद तनाव को देखते हुए पुलिस और एलआईयू के जवान शहर के माहौल की जानकारी लेने के लिए गाड़ी दौड़ाते नजर आए। साथ ही चर्च के पास भी पुलिस का कड़ा पहरा रहा। चर्च में आने-जाने वाले लोगों पर भी पुलिस की कड़ी नजर रही। वहीं, पुलिस अधिकारी भी देर रात तक घटना से जुड़ी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
भीम आर्मी ने उठाई गिरफ्तारी की मांग
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने चर्च पहुंचकर घटना की जानकारी ली। साथ ही चर्च में बवाल पर रोष जताते हुए जल्द ही हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। सोमवार को आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह सोलानीपुरम स्थित चर्च पहुंचे। उन्होंने चर्च के अंदर हुई तोड़फोड़ का मुआयना किया।
चर्च से जुड़े लोगों से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। महक सिंह ने चर्च से जुड़े लोगों को आश्वासन दिया कि उनके साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। उन्हें इंसाफ दिलाने में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी पूरी तरह साथ देगी। कहा कि घटना को अंजाम देने वालों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामले में जहां एक ओर पुलिस ने बिना देरी किए भाजपा नेताओं समेत 250 लोगों पर रविवार दोपहर को ही मुकदमा दर्ज कर लिया था तो वहीं दूसरे पक्ष का मुकदमा अगले दिन लगभग उसी समय यानी 24 घंटे बाद दर्ज किया गया। रविवार देर रात तक दूसरे पक्ष के साथ भाजपाई तहरीर तक नहीं रिसीव करा पाए थे।
रुड़की में रविवार को चर्च में हुई तोड़फोड़ और मारपीट की घटना ने पुलिस-प्रशासन को सकते में ला दिया था। सूत्रों के अनुसार, मामले की गूंज दून से दिल्ली तक भी पहुंची। ईसाई समुदाय से जुड़े संगठनों की ओर से दिल्ली समेत विभिन्न प्रदेशों में स्थित अपने संस्थानों तक यह बात पहुंचाई गई। माना जा रहा है मानवाधिकार और अल्पसंख्यक आयोग की संभावित कार्रवाई को लेकर भी पुलिस प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा था।
शायद इसीलिए पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने में देरी नहीं की, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के साथ जैसे ही भाजपाइयों और हिंदूवादी संगठनों में प्रतिक्रिया तेज हुई तो पुलिस और प्रशासन की बेचैनी भी बढ़ने लगी, लेकिन पुलिस ने दूसरा पक्ष का मामला जल्दबाजी में दर्ज नहीं किया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार देर रात तक दूसरे पक्ष की महिलाओं समेत कई भाजपा नेता सिविल लाइंस कोतवाली में जमे रहे, लेकिन पुलिस ने तहरीर को रिसीव तक नहीं किया। इस दौरान कई आला नेताओं के फोन आते रहे, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। रात करीब 11 बजे ये लोग कोतवाली से लौट आए। माना जा रहा है कि रात के बाद आधा दिन तक उच्च स्तर पर मंथन के बाद दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज हुई।
धर्मांतरण के आरोपों को लेकर की गई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद चर्चा में आए सोलानीपुरम के चर्च की संचालिका ने दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे को गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि सारे आरोप झूठे हैं। चर्च संचालिका साधना लांस का कहना है कि हम सभी अपना कमाते और खाते हैं। उनके पास कोई विदेश का पैसा नहीं है। शहर के गण्यमान्य लोग चर्च में प्रार्थना करने आते हैं। उन्होंने कभी किसी तरह की शिकायत नहीं की।
‘अल्पसंख्यकों को टॉरगेट कर राजनीति कर रही भाजपा’
आम आदमी पार्टी के कलियर विधानसभा प्रभारी शादाब आलम ने चर्च में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। वह केवल धर्म और जाति के नाम पर कुर्सी हासिल करना चाहती है। मानवता और विकास जैसे मुद्दे गौण हो गए हैं। आप ही भाजपा को उसकी गलतियों पर सबक सिखाएगी।