शुरुआत में ही बदरीनाथ की राह तीर्थयात्रियों का इम्तिहान ले रही है। विष्णुप्रयाग में 28 अप्रैल को हाईवे पर गिरी चट्टान और मलबा हटाए जाने से पहले ही बुधवार की देर रात पहाड़ से विशाल चट्टान का बड़ा हिस्सा और मलबा आ गिरा। मलबा और बोल्डर सौ मीटर हिस्से में फैल गए हैं। गुरुवार को भी रास्ता पूरी तरह बंद था। श़क्रवार को बदरीनाथ हाईवे को खोलने का कार्य बीआरओ ने सुबह से ही शुरू कर दिया।
अब बदरीनाथ पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई वाली पगडंडी का सहारा है। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों का दावा है कि हाईवे चार दिनों में खोल दिया जाएगा। हालांकि जो हालात दिख रहे हैं, मार्ग खुलने में एक हफ्ते तक का समय लग सकता है।
मंगलवार को यहां मार्ग बंद होने से लगभग तीन हजार यात्री फंस गए थे। इनमें से कई पैदल बदरीनाथ के दर्शन के लिए गए तो कई बिना दर्शन ही लौट गए हैं।
दरअसल, हाईवे बंद होने के बाद अब जोशीमठ आर्मी कैंप से विष्णुप्रयाग तक तीन किमी पैदल चलकर फिर वाहन से बदरीनाथ पहुंचा जा सकता है। डेढ़ किमी खड़ी चढ़ाई वाला तीन किमी का यह पैदल रास्ता (पगडंडी) जहां हाईवे बंद हुआ है, उस इलाके के आगे निकलता है।
बिना दर्शन लौटे 800 यात्री, पहुंचे सीएम
बृहस्पतिवार को भी हाईवे बंद देख 800 तीर्थयात्री मायूस होकर अपने घरों को लौट गए, जबकि आस्था और उत्साह से भरे 1074 तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम मत्था टेकने पहुंचे। बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे 186 तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ लाया गया।
बदरीनाथ हाईवे बंद होने की सूचना पर दिन में साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री हरीश रावत हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अशोक कुमार को किसी भी सूरत में तीर्थयात्रा को बाधित न होने देने के निर्देश दिए।
कहा कि जोशीमठ आर्मी कैंप से विष्णुप्रयाग तक तीन किमी पैदल रास्ते पर जगह-जगह एसडीआरएफ और पुलिस के जवान तैनात किए जाएं। पैदल माग पर तीर्थयात्रियों के लिए खाने और प्याऊ की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का भी हवाई सर्वेक्षण किया।
रुकने नहीं दी जाएगी यात्रा
बदरीनाथ हाईवे पहले से ही दिक्कतों भरा रहा है। वर्तमान में हमारा फोकस हाईवे के डेंजर जोन लामबगड़ और कंचनगंगा पर था। लेकिन विष्णुप्रयाग में चट्टान अब नया सिरदर्द बन गया है। फिर भी तीर्थयात्रा को रुकने नहीं दिया जाएगा।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
सीएम ने दिए हेलीकॉप्टर लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने चमोली के जिलाधिकारी को जोशीमठ से गोविंदघाट तक दो हेलीकॉप्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। महिलाओं व बच्चों के लिए साढ़े चार सौ और पुरुषों के लिए साढ़े सात सौ रुपये किराया तय किया गया है।
रसद की कमी नहीं: डीएम
बदरीनाथ धाम में रसद की कोई कमी नहीं है। तीर्थयात्रियों को खाने-पीने के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। जोशीमठ से विष्णुप्रयाग तक पैदल जाने वाले तीर्थयात्रियों को विष्णुप्रयाग से बदरीनाथ तक वाहन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसका प्रति व्यक्ति किराया एक सौ रुपये निर्धारित किया गया है। इन वाहनों को मौके पर ही डीजल उलब्ध कराया जा रहा है। अलकनंदा में चट्टान से बोल्डर गिरे हैं, लेकिन बोल्डरों के बीच से पानी का निरंतर रिसाव हो रहा है। खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
अशोक कुमार, डीएम, चमोली
मौसम पर निर्भर
मौसम ने साथ दिया तो चार दिनों के भीतर हाईवे को सुचारु कर दिया जाएगा। हाईवे पर आए बोल्डरों को छोटे-छोटे विस्फोट कर तोड़ा जा रहा है। पोकलेंड मशीन और डोजर मलबा हटाने में लगाए गए हैं। हाईवे खोलने का कार्य पूरी तरह से मौसम पर निर्भर रहेगा।
-आर सुब्रमण्यम, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ, चमोली