गार्ड के पास नहीं था हथियार
जिस शोरूम में बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया वहां पर गार्ड तो मौजूद था। गार्ड भी पूर्व फौजी है। मगर, उसके पास कोई हथियार नहीं है। बताया जा रहा है कि कंपनी हथियार वाले गार्ड को रखती ही नहीं है। यही नहीं यहां पर गोल्ड लोन कंपनी जैसे बड़े लॉकर भी नहीं बने हैं। शायद एक लंबी रेकी के बाद बदमाशों ने इस तरह से घटना को अंजाम दिया है।
जेल में बैठकर भाड़े के लुटेरों से घटनाएं करवाता है सरगना
बिहार की इस गैंग का सरगना सुबोध जेल में बंद है। उसे मन्नुपुरम गोल्ड लोन कंपनी के यहां डकैती के आरोप में पकड़ा गया था। तब से वह जेल के भीतर से ही भाड़े के लुटेरों से वारदात कराता है। इसके लिए उन्हें लूटे गए माल का हिस्सा नहीं बल्कि एक सैलरी की तरह पैसे दिए जाते हैं। जिस तरह बिहार और झारखंड में साइबर ठगों की पाठशालाएं चलती हैं उसी तरह सुबोध एक ट्रेनिंग स्कूल भी एक जिले में चलवाता है। उन्हें यहां इसी तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। अलग-अलग लोगों को यह काम दिया जाता है। ऐसे में यदि कोई पकड़ा भी गया तो वह दूसरे व्यक्ति का नाम तक नहीं बता पाता। इससे पुलिस की जांच एकाएक रुक जाती है। ये बाकायदा कुछ लोगों को शोरूम में लंबी रैकी करने के लिए भेजते हैं।