हाईकोर्ट ने अपर सचिव जेपी जोशी से पीड़िता को मिलाने और उसका शारीरिक शोषण करने के मामले में फंसी रितु कंडियाल की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रितु कंडियाल की ओर से हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दायर की गई थी।
दिल्ली में दर्ज हुई थी FIR
मामले के अनुसार पीड़िता ने 22 नवंबर 2013 को दिल्ली में जीरो एफआईआर लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि रितु कंडियाल ने अपर सचिव जेपी जोशी से पीड़िता को मिलवाया था। कहा था कि जेपी जोशी उसकी नौकरी लगवा देंगे।
शिकायतकर्ता का कहना था कि याचिकाकर्ता के सहयोग से अपर सचिव जेपी जोशी ने उसका शारीरिक शोषण किया।
कोर्ट नें मंजूर की याचिका
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसे इस प्रकरण पर झूठा फंसाया गया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।