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बदहाली के कारण वजूद खो रही रिस्पना और बिंदाल नदी को साफ करने की कवायद शुरू

Thu, 30 May 2019 08:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रिस्पना नदी - फोटो : अमर उजाला
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गंदगी व प्रदूषण के चलते बदहाल हो चुकीं रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों को पुनर्जीवित करने को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन ने एक बार फिर कवायद शुरू की है। मेयर सुनील उनियाल गामा की अध्यक्षता व जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन की मौजूदगी में बुधवार को नगर निगम में जिला प्रशासन, नगर निगम, एमडीडीए, सिंचाई विभाग के अफसरों की बैठक हुई, जिसमें नदियों की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए इन्हें साफ सुथरा बनाने पर मंथन किया गया। 

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बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सिंचाई विभाग तीन दिन के भीतर दोनों नदियों का सर्वे करके आंकलन करेगा कि नदियों मेें कितनी गंदगी है और उन्हें साफ सुथरा बनाने को लेकर कितने बजट व संसाधन की जरूरत होगी। यह भी निर्णय लिया गया कि नगर निगम, एमडीडीए के साथ ही जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग के बजट से नदियों की सफाई के लिए धन मुहैया कराया जाएगा।  

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बरसात से पहले दोनों नदियों की सफाई कर ली जाए। कहा कि नगर निगम की ओर से नदियों की सफाई के लिए 50 लाख रुपये का बजट मुहैया कराया जाएगा। साथ ही नदियों को साफ सुथरा बनाने में विधायकों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे विधायक निधि से बजट मुहैया कराएं ताकि बजट की कमी न हो। 
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जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बजट मुहैया कराया जाएगा। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दो दिन बाद जल्द ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी जिसमें बाकी पहलुओं पर चर्चा की जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, उपनगर आयुक्त नीरज जोशी के अलावा नगर निगम, सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित थे।

वजूद खो रही दोनों नदियां 
कभी दून के बीच कलकल करते हुए बहने वाली रिस्पना व बिंदाल नदी अपना वजूद खोने के कगार पर हैं। दोनों नदियों को पुनर्जीवित करने को लेकर सरकार, शासन, नगर निगम की ओर से कई योजनाएं बनाई गईं लेकिन नदियाें को बदहाली से उबारा नहीं जा सका है। दोनों नदियों में इस कदर गंदगी व मलबा है कि इन्हें देखकर लगता ही नहीं कि ये नदियां हैं। सोसाइटी फार पॉल्यूशन एंड कंजर्वेशन साइंटिस्ट (स्पेक्स) की ओर से किए गए शोध में यह बात सामने आई थी कि दोनाें नदियों के पानी में क्रोमियन, जिंक, आयरन, शीशा, मैगनीज, ग्रीस, तेल की इतनी मात्रा है कि नदियाें का पानी इस्तेमाल करने से जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।

बारिश से पहले नदियों को साफ सुथरा बनाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम की ओर से नदियों को साफ सुथरा बनाने के लिए 50 लाख का बजट मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा एमडीडीए, सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के अलावा विधायकों से भी वित्तीय मदद ली जाएगी। नदियों को साफ सुथरा बनाने हमारी प्राथमिकताओं में है। 
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- सुनील उनियाल गामा, मेयर  

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