उक्त कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए वह भी आश्रम गया था और वहां उसे अतिथि रसोई व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली थी। एक बार वह सरसंघचालक मोहन भागवत के लिए भोजन लेकर गया था।
उसी दौरान उसकी सरसंघचालक से बातचीत हुई थी। उसी कार्यक्रम में दूसरी बार मोहन भागवत उसे रसोई के बाहर मिले थे। वीरेंद्र ने बताया कि आज वह गेट पर खड़ा था। इसी गेट से मोहन भागवत को कार्यक्रम स्थल पर जाना था।
कार्यक्रम स्थल पर जाते हुए सरसंघचालक की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे पहचान लिया और अपने पास बुलाया। वीरेंद्र ने बताया कि भागवत ने पढ़ाई के बारे में पूछा और पढ़ते रहने को कहा। वीरेंद्र ने श्रीदेव सुमन विवि के प. ललित मोहन शर्मा परिसर से स्नातक किया है।