आपके अकाउंट और एफडी में जितनी धनराशि है उस एकाउंट में डाल दो। फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें अकाउंट नंबर भी दिया। योगेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने फोन करने वाले व्यक्ति की ओर से बताए गए अकाउंट में अपनी सभी एफडी आदि के पैसे डाल दिए।
बताया कि उन्होंने अपना लखनऊ का मकान बेचा था। जिसकी धनराशि की उन्होंने एफडी आदि की थी। कुल साढ़े 52 लाख रुपये उन्होंने फोन करने वाले व्यक्ति के बताए अकाउंट में डाले। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
एसपी देहात लोकजीत सिंह ने कहा कि बुजुर्ग के साथ धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की जा रही है। ऐसे अपराधों से बचने के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
क्या होता है डिजिटल अरेस्ट
इस तरह की धोखाधड़ी में धोखेबाज स्वयं को पुलिस या प्रवर्तन अधिकारी के रूप में पेश करते हैं और डर का माहौल पैदा कर ठगी करते हैं। यह पूरी प्रक्रिया फोन पर ही होती है। कॉल करने वाला व्यक्ति वित्तीय धोखाधड़ी, ड्रग तस्करी या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं। वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं।