उत्तराखंड की नौकरशाही के लिए 2015 अहम है। मुख्य सचिव समेत चार आईएएस सेवानिवृत होंगे और इंटरस्टेट डेपूटेशन पर आए दो अफसर अपने मूल कैडर में जाएंगे।
इस लिहाज से छह आईएएस अफसरों का कैडर कम हो जाएगा। वैसे भी शासन में प्रमुख सचिव व सचिव के पद पर गिने चुने अफसर ही रह गए हैं। मुख्य सचिव नागराजन रविशंकर 31 जुलाई को और 31 अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा सेवानिवृत हो जाएंगे।
यानी सीएस रैंक के दो अफसरों के रिटायर होने के बाद राज्य में केवल एस राजू ही बचेंगे। 30 जून को राजस्व सचिव भास्करानांद व 31 जुलाई को समाज कल्याण सचिव पीएस जंगपांगी का रिटायरमेंट है। उधर, दूर संचार सेवा के अफसर दीपक गैरोला को सचिव बनाए जाने को लेकर भी अभी असमंजस की स्थिति है।
आईएएस एसोसिएशन की शिकायत पर केंद्र ने राज्य से जवाब तलब कर रखा है कि आईएएस की कैडर पोस्ट पर दूरसंचार सेवा के अफसर को सचिव कैसे बनाया। प्रमुख सचिव गृह एमएच खान मणिपुर त्रिपुरा कैडर के आईएएस है। उनकी प्रतिनियुक्ति का समय मार्च में समाप्त हो जाएगा।
उनका समय बढ़ने की इस बार कम ही आसार है। इसी के साथ विदेश सेवा के अफसर विनोद फोनिया की प्रतिनियुक्ति का समय बढ़ाने से इंकार करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फोनिया को 27 फरवरी को कार्यमुक्त कर दें। फोनिया की प्रतिनियुक्ति को लेकर विदेश मंत्रालय काफी नाराज है।
पिछले दिनों सरकार को भेजी चिट्ठी में स्पष्ट कर दिया कि उनका समय 27 फरवरी 2013 में पूरा हो चुका है। उसकी अनुमति का मामला ही अभी तक लंबित है। इन दो वर्षों की सेवा को अभी फोनिया की सेवा में नियमित नहीं किया गया। जिसका प्रभाव उनकी सर्विस पर पड़ सकता है।