आपदा प्रबंधन की दिशा में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन मंगलवार को तीन महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू करने जा रहा है। इसमें आम आदमी और तीर्थयात्रियों के लिए श्री केदार रेसक्यू डेमो एंड्रायड एप्लीकेशन शामिल है।
तीन सेवाएं होंगी लांच
इसको जिले के अधिकारियों की टीम ने तैयार किया है। जिला सभागार में दोपहर एक बजे अधिकारी इन सेवाओं को लांच करने के साथ ही प्रेजेंटेशन देंगे।
पिछले साल आपदा के दौरान जिला प्रशासन को कई मौकों पर संचार सेवाओं की कमी, तकनीकी दिक्कत, भौगोलिक स्थिति और समन्वय की कमी के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ा था। इसलिए प्रशासन ने ऐसा सिस्टम विकसित करने की सोची, जो किसी भी सूचना को त्वरित भेजने में समर्थ हो।
इसी कड़ी में श्री केदार रेस्क्यू डेमो एंड्रायड एप्लीकेशन तैयार किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने बताया कि यात्री, सैलानी या कोई भी आदमी एंड्रायड आधारित इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर सकता है। फिलहाल सामान्य गूगल मैप पर इसका प्रयोग किया जा रहा है। शासन की अनुमति से इसमें अन्य चीजें जोड़ी जाएंगी।
यह एप्लीकेशन होंगी लांच
श्री केदार रेस्क्यू डेमो एंड्रायड एपलीकेशन
उपभोक्ता जिले के महत्वपूर्ण स्थान, यात्रा रूट और नजदीकी स्थानों को सर्च कर सकता है। किसी आपात स्थिति में फंसने पर आदमी जिला आपदा प्रबंधन केंद्र (डीईओसी) को अलर्ट भेज सकता है। अलर्ट से डीईओसी को संबंधित व्यक्ति की जीपीएस से लोकेशन मिल जाएगी और तत्काल राहत बचाव कार्य हो सकेगा।
जियोग्राफिकल इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस)/डिजीटल मेप एपलीकेशन
डीईओसी में कार्यरत कर्मियों की सुविधा के लिए विकसित किया गया है। इसमें जिले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। इस मैप की सहायता से प्रशासन की टीम खोज, बचाव, राहत और आपदा में फंसे हुए लोगों को निकालने का कार्य त्वरित गति से कर पाएगी।
बल्क एसएमएस सर्विस
इमरजेंसी और उपयोगी मैसेज को सभी रजिस्टर्ड यूजर्स (सरकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया और यात्री) के मोबाइल फोन नंबर पर एक क्लिक में भेजने के लिए विकसित की गई है। मसलन सड़क अवरुद्ध होने, नदी का जल स्तर बढ़ने, बारिश का पूर्वानुमान और रेसक्यू शेल्टर आदि को समूह संदेश में भेजा जाएगा।