उत्तराखंड में आग से धधकते जंगल
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उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से हुए नुकसान के आकलन संबंधी रिपोर्ट शासन ने केंद्र सरकार को भेज दी है। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि इसी आधार पर केंद्र से पैसा मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी यह मोटा-मोटा आकलन है। आग खत्म होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाकर वास्तविक क्षति का पता लगाया जाएगा। केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की टीम फिर आएगी। आग से बचाव और पुनर्वास के संबंध में सलाह देगी।
शासन ने करवाया आकलन
जंगलों में आग की डेढ़ हजार से अधिक घटनाओं से हुई क्षति का आकलन शासन ने करवा लिया है। इसे केंद्र को भेजा गया है, इसके बाद वास्तविक क्षति की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इससे यह भी पता लग सकेगा कि जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का कितना नुकसान हुआ। उसी आधार पर पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि आग की घटना के अनुभवों से भविष्य की योजना तैयार होगी। जंगलों में आद्रता बनाए रखने की रणनीति बनाई जाएगी। फायर सीजन के पहले जंगलों में गश्त तेज करा दिया जाएगा। अगर इस बार गश्त की पहले से शुरूआत होती तो स्थिति बेहतर रहती।
ग्रीन बोनस की फिर करेंगे मांग
जंगलों में आग की घटनाओं के मद्देनजर प्रदेश शासन केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस मांगने पर फिर विचार कर रहा है। इसके लिए प्रस्ताव भेजे जाने की तैयारी है। इससे पहले भी शासन ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। केंद्र सरकार से दो हजार करोड़ रुपये ग्रीन बोनस के मद में मांगे गए थे लेकिन केंद्र ने मना कर दिया था।