राज्य के विभिन्न इलाकों में संचालित स्टोन क्रशरों के संचालकों को प्रदेश सरकार एक बार फिर राहत देने की तैयारी में है। दरअसल, प्रदेश के सभी स्टोन क्रशरों को क्लस्टर विकसित कर 31 जुलाई से पहले स्थानांतरित किया जाना है। लेकिन सरकार स्थानांतरण तो दूर अभी तक क्लस्टर के लिए जमीन भी चिह्नित नहीं कर पाई। ऐसे में इस अवधि तक स्टोन क्रशरों को शिफ्ट होना मुमकिन नहीं लग रहा है।
सरकार इससे पहले भी क्रशर संचालकों को एक माह की छूट दे चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब फिर क्रशर संचालक इस जुगत में लगे हैं कि उन्हें एक माह की माह छूट और मिल जाए।
अदालत में हलफनामा दे चुकी है सरकार
गौरतलब है कि सरकार इस प्रकरण में अदालत में हलफनामा भी दाखिल कर चुकी है कि स्टोन क्रशर को क्लस्टर में स्थानांतरित किया जा रहा है। लेकिन मोहलत देने के नाम पर सरकार दो साल का वक्त गुजार चुकी है।
दूसरी ओर भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई के अपर निदेशक एसएस पैट्रिक का कहना है कि इस संबंध में विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका है। स्टोन क्रशर्स संचालकों को और अधिक मोहलत देना न देना सरकार का निर्णय है इस संबंध में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जा सकता है।