फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखिए, नैनीताल की वादियों में आया 'कुंग फू पांडा'

Wed, 26 Nov 2014 01:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
दार्जिलिंग से रेड पांडा का जोड़ा मंगलवार सुबह भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्चस्थलीय प्राणि उद्यान नैनीताल पहुंच गया है। नैनीताल जू के अधिकारियों की देखरेख में रेड पांडा के जोड़े को बाड़े में सुरक्षित रखा गया है।
विज्ञापन


रेड पांडा के जोड़े के साथ दार्जिलिंग से पहुंचे पशु चिकित्सक और वन क्षेत्राधिकारी चीर फीजेंट (मोर प्रजाति) का जोड़ा यहां से दार्जिलिंग ले जाएंगे। यहां लाए गए नर रेड पांडा का नाम राहुल और मादा का नाम सोनम रखा गया है।

प्राणि उद्यान के वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार साह ने बताया कि यह रेड पांडा दार्जिलिंग जू में था। यह 6000 फीट से 9000 फीट की ऊंचाई और नमी वाले इलाके में आसानी से रह सकता है। नैनीताल जू की ऊंचाई 6200 फीट है। इसे दार्जिलिंग के 7000 फीट की ऊंचाई से लाया गया है।
विज्ञापन

राहुल और सोनम है दोनों का नाम

पांडा की औसत आयु 17 वर्ष होती है। इस जोड़े में 12 वर्ष का नर राहुल और दो वर्ष की मांदा पांडा सोनम है। पांडा की संख्या में वृद्धि के लिए इसे यहां लाया गया है। भालू प्रजाति का होने की वजह से इसे बीयर कैट भी कहा जाता है।

भालू प्रजाति का यह सबसे छोटा जानवर है। दार्जिलिंग से रेड पांडा लेकर यहां पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. उत्तम प्रधान, वन क्षेत्राधिकारी शिरोमणि संगदन और प्रदीप कुमार ने बताया कि रेड पांडा उत्तरी हिमालय में पहली बार आया है।

रेड पांडा का भोजन
नैनीताल जू की बायोलॉजिस्ट रेखा पलड़िया और दार्जिलिंग जू के पशु चिकित्सक डॉ. उत्तम प्रधान ने बताया कि रेड पांडा का भोजन कीट, बांस, रिंगाल की पत्तियां, अंडा, दूध, फल और शहद है।

प्रशिक्षण लेकर लौटे जू कर्मी
नैनीताल जू के चंदन सिंह रावत एवं नवीन मनराल दार्जिलिंग ने रेड पांडा की देखरेख और उसकी दिनचर्या का 15 दिनी प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं।

उन्होंने बताया कि रेड पांडा को सुबह के भोजन में केला, सेब, दूध, शहद और अंडा दिया जाएगा। दोपहर में रिंगाल, बांस के पत्ते दिए जाएंगे।
विज्ञापन

आज से देख सकेंगे रेड पांडा

पर्यटक और पशु प्रेमी बुधवार से रेड पांडा को देख सकेंगे। रेड पांडा का बाड़ा तैयार कर दिया गया है, जहां बुधवार से आम जनता रेड पांडा को देख सकेंगे।

शाम को रेड पांडा को कोई भोजन नहीं दिया जाता है। इसके बदले व्यवहार की जानकारी इसकी हरकतों से हो जाती है। यह किसी तरह की बीमारी या असामान्य महसूस करने पर चलना-फिरना बंद कर देता है और एक जगह पर शांत बैठ जाता है।

हर तीन महीने में इसका स्टूल टेस्ट और वजन मापा जाता है। इसका वजन आम तौर पर तीन से 5.8 किलो तक होता है।

जनवरी-फरवरी है मैटिंग सीजन
रेड पांडा का मैटिंग सीजन जनवरी और फरवरी का महीना है। मादा पांडा 18 माह की उम्र में मैटिंग प्रक्रिया करने लगती है। इसका प्रजनन काल 125 से 158 दिन होता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें