बच्चा अगर हाईपर एक्टिव है तो उसे परीक्षा के दौरान लाल कपड़े न पहनाएं।
और बढ़ जाती है दिक्कत
साइकोलॉजिस्ट गुरलीन बिंद्रा ने बताया कि खूब उछलना-कूदना, बेवजह तेज दौड़ लगाना, हाईपर एक्टिव बच्चे के लक्षण हैं। बताया कि लाल कपड़ा पहनाने से बच्चे की यह दिक्कत और बढ़ जाती है।
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सन फ्लावर काउंसलिंग एंड रिमेडियल सेंटर के बैनर तले इंदर रोड पर शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन विधायक राजकुमार ने किया। इस मौके पर बिंद्रा ने बताया कि हाइपर एक्टिव बच्चों को चाकलेट न दें।
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कार्टून सीरियल भी न देखने दें। बताया कि इस तरह के सीरियल देखकर बच्चे फंतासी में जीने लगते हैं और जमीनी हकीकत से कट जाते हैं। परीक्षा के वक्त बच्चे पर बेवजह दबाव न बनाएं। उनसे एक ही बात बार-बार न कहें।
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इससे बच्चे में स्ट्रेस और डिप्रेशन हो सकता है। बच्चों को झिड़कें न समझाएं। शिविर में साइकोलोजिस्ट बिंद्रा ने हाइपर एक्टिव बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग की।
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इस मौके पर युवती-युवकों की कैरियर काउंसलिंग की गई। शिविर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया था।