वन्यजीवों और चिड़ियों से लगाव रखने वालों के लिए खुशखबरी है। मेरठ के गंगा बैराज के पास दुर्लभ और संकटग्रस्त रेड ब्रेस्टेड गूज देखी गई है।
इसकी फोटो कालाढूंगी के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और कंजरवेशन से जुड़े एक दंपति ने खींची है। दावा है कि देश में पहली बार साक्ष्य के आधार पर यह चिड़िया रिपोर्ट हुई है।
बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी जैसी संस्थाओं ने भी इसकी पुष्टि की है।
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दम्पति ने ली तस्वीरें
कालाढूंगी के रहने वाले वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दंपति राजेश पवार और शीला पवार 13 मार्च को पैतृक घर बिजनौर गए थे। इसके बाद दोनों मेरठ के पास गंगा बैराज में बर्ड वॉचिंग को पहुंचे।
वहां दूसरी चिड़ियों के बीच रेड ब्रेस्टेड गूज भी थी। उन्होंने इसकी फोटोग्राफी कर ली। ये फोटोग्राफ बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, आईयूसीएन आदि जगह भेजी गई, जहां से इसकी पुष्टि हुई।
पहली बार रिकॉर्ड हुआ साक्ष्य
यह पहली बार है, जब चिड़िया का रिकॉर्ड शॉट के तौर पर उपलब्ध है। 1904 में ब्रह्मपुत्र नदी और मध्यप्रदेश में देखे जाने की बात सामने आई थी लेकिन इसकी फोटो नहीं मिली थी।
राजेश के अनुसार चिड़िया यूक्रेन, बुल्गारिया, अजरबैजान आदि देशों में मिलती है। यह संकटग्रस्त चिड़िया है।