प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं पर पिछले वर्ष की तुलना में इस साल से ज्यादा धनवर्षा होगी। पंचम राज्य वित्त आयोग ने शहरी व ग्रामीण निकायों की धनराशि में बढ़ोतरी की सिफारिश की है, जिसे राज्य सरकार ने लागू कर दिया है।
संस्थाओं के लिए राहत की बात यह है कि अब धनराशि को लेकर शासन स्तर पर कोई शर्त नहीं लगाई गई है। सिफारिश के अनुसार, निकायों को निर्धारित अंश के हिसाब से तय समय के अनुसार धनराशि आवंटित होगी। यदि किसी निकाय को वितरण सूत्र के हिसाब से पूर्व की तुलना में कम अंतरण प्राप्त होगा तो ऐसी स्थिति में उस निकाय को पूर्व में किए गए अंतरण के अनुरूप ही धनराशि दी जाएगी।
अब आय अर्जित करने की शर्त नहीं
तीसरे व चौथे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश से जुदा पंचायत राज्य वित्त आयोग ने निकायों को आय अर्जित करने की शर्त से मुक्त रखा है। अब उन्हें जारी होने वाले अनुदान की राह में कोई शर्त आड़े नहीं आएगी।
नए निकायों को पहले साल 1.25 करोड़ मिलेंगे
आयोग की सिफारिश में थोड़ा संशोधन करते हुए प्रदेश सरकार ने तय किया कि नई नगर पंचायत या नगर पालिका परिषद को पहले साल 1.25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। दूसरे वर्ष आयोग की 75 लाख रुपये अनुदान की सिफारिश की तुलना में एक करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
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