उत्तराखंड में हरीश रावत से मात खाने के बाद भाजपा विधानसभा चुनाव में असम की तर्ज पर दांव खेल सकती है। असम के हेमंत विश्व शर्मा की तरह उत्तराखंड में हरक सिंह रावत उसके तुरुप का इक्का हो सकते हैं।
इस बाबत ही पार्टी ने हरक के साथ कांग्रेस के सभी नौ बागी विधायकों को दल में शामिल करने का मन बनाया है। लेकिन प्रदेश भाजपा के विरोध ने उसके प्रयास में विलंब कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बागी विधायकों की भाजपा में एंट्री का फार्मूला अमित शाह के जरिए राज्य भाजपा की बुलाई कोर समूह के नेताओं की बैठक में तय होगा। इन विधायकों की भाजपा में एंट्री तय है, मगर समय को लेकर फैसला लेना बाकी है। प्रदेश भाजपा नेताओं के विरोध ने बागियों की एंट्री में पेंच फंसा रखा है।