दरअसल, एनआईसी के जरिये आरसीएमएस सॉफ्टवेयर में अपग्रेड किया गया है। इस सॉफ्टवेयर से आधार संबंधी फर्जीवाड़ा पकड़ने के साथ ही आधार डुप्लीकेसी के मामले पकड़ में आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामला रुद्रप्रयाग का सामने आया।
रुद्रप्रयाग निवासी मनोज कुछ साल से देहरादून में निवास करते हैं। वह राशन कार्ड बनवाने के लिए आपूर्ति कार्यालय पहुंचे। जब कार्यालय के कर्मचारियों ने आवेदन किया तो सामने आया कि रुद्रप्रयाग में उनका पहले ही राशन कार्ड बनाया जा चुका है।
इस दौरान मनोज ने बताया कि वह रुद्रप्रयाग से अपना नाम कटवाकर लाए हैं। इस पर अधिकारी ने बताया कि उनको ऑनलाइन ही आवेदन रद्द कराना होगा। इसके बाद ही वह नए राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
शुक्रवार को जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जागरुकता के अभाव में राशन उपभोक्ता दस्तावेजों से तो नाम हटा लेेता है लेकिन अब ऑनलाइन सिस्टम होने के बाद उसे ऑनलाइन की अपने राशन को रद्द कराना होगा।