हल्द्वानी में तराई के जंगल में बेहद दुर्लभ लाल मूंगा खुखरी सांप दिखा है। वन विभाग के साथ सुरई के जंगल में सांपों पर अध्ययन कर रहे दो शोधार्थियों ने इसे देखा।
दुर्लभ सांप के मिलने की पहली सूचना
टीम को जंगल के वन मार्ग में एक मरा हुआ लाल सांप भी मिला है। उत्तराखंड में इस दुर्लभ सांप के मिलने की यह पहली सूचना है। इससे पहले केवल तीन बार देश में यह रिपोर्ट हुआ है।
वन्यजीव विशेषज्ञ विपुल मौर्या और सर्प विशेषज्ञ जय प्रकाश सिंह इन दिनों तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई जंगल में वन विभाग की टीम के साथ स्टडी कर रहे हैं। टीम उस समय हैरत में पड़ गई जब उन्हें बेहद दुर्लभ लाल मूंगा खुखरी सांप दिखाई दिया।
वन्यजीव विशेषज्ञ सिंह कहते हैं कि यह सांप देश में इससे पहले केवल तीन बार (दो बार यूपी में और एक बार असम में) में ही रिपोर्ट हुआ था। सिंह ने बताया कि उन्होंने सांप के फोटोग्राफ्स भी लिए हैं।
उनकी टीम को इसी प्रजाति का मरा हुआ सांप भी मिला है, जिसे अध्ययन के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। लाल रंग के इस सांप के दांत खुखरी (हथियार) की तरह होते हैं, इसीलिए इसका नाम खुखरी पड़ा है।
डीएफओ डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि 1936 में पहली बार लखीमपुर खीरी में देखा गया था। विपुल मौर्या कहते हैं कि करीब 20 दिन पहले यह सांप देखा गया था। यह एक बड़ी उपलब्धि है।