हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में सातवीं कक्षा की छात्रा से रेप और हत्या का पूरा राज 270 कदम के बीच छिपा है।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण
गन्ना तौल केंद्र से घटनास्थल की यही दूरी है। केंद्र से घटनास्थल के बीच छात्रा के साथ अनहोनी हुई होगी। छात्रा के बालों में गन्ने के छिलके फंसे हुए थे। छात्रा को दूर तक घसीटा भी गया होगा।
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तौल केंद्र छात्रा के घर के बिल्कुल पास है। शौच के लिए गन्ने के खेत में जाने के लिए इसी केंद्र से बटिया (पगडंडी) बनी है। गन्ना केंद्र और घटनास्थल के बीच करीब 270 कदम की दूरी है। इस बीच पूरा खेत समतल पड़ा है।
खेत की जुताई हो रखी है और बीच में कोई पेड़-पौधा भी नहीं हैं। छात्रा के शव के पोस्टमार्टम के दौरान बालों में गन्ने के सूखे छिलके फंसे हुए मिले थे। अमर उजाला की टीम ने तौल केंद्र से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
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तौल केंद्र के अलावा कहीं पर भी ऐसे गन्ने के छिलके दिखाई नहीं दिए। यह सबसे बड़ी वजह है कि शक की सुई तौल केंद्र के आसपास घूम रही है।
घटनास्थल की ओर दिखा था एक व्यक्ति
मृतका के घर पर कई महिलाओं ने बताया कि उस दिन घटनास्थल की ओर से आते हुए एक व्यक्ति देखा गया था। महिलाएं तो चिल्ला-चिल्लाकर उसका नाम ले रही थी।
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महिलाओं की मानें तो इस व्यक्ति का ताल्लुक भी तौल केंद्र से है। सूत्रों का कहना है कि इस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
किसी ने क्यों नहीं सुनी आवाज
घटना के दिन कोहरा काफी घना था। इसी कारण किसी ने छात्रा और दुराचारियों को नहीं देखा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि किसी ने चीखने-चिल्लाने की आवाज क्यों नहीं सुनी।
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छात्रा का शव देखकर पता चलता था कि उसके साथ दरिंदगी की हदें पार की गई थी। इतना सब होने पर छात्रा चीखी-चिल्लाई होगी। 200 मीटर की दूरी पर लोगों के घर भी हैं तो उसकी आवाज आखिर वहां तक क्यों नहीं पहुंची। कहीं छात्रा के मुंह को पहले बंद तो नहीं किया था।