मूक बधिर संवासिनी से रेप और गर्भपात मामले में नारी निकेतन की एक नर्स, दो क्राफ्ट टीचर और एक संविदा कर्मचारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इन पर पीड़िता ने रेप और गर्भपात समेत कई मामले छिपाने के आरोप लगाए हैं।
इस मामले में अब तक छह लोग सलाखों के पीछे हैं। उधर, पुलिस ने सरकारी गवाह बनी दो संवासिनी और एक कर्मचारी के शुक्रवार को 164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज करवाए।
नारी निकेतन मामले में शुक्रवार सुबह पुलिस ने नारी निकेतन की नर्स किरण नौटियाल निवासी मंदाकिनी एनक्लेव, क्राफ्ट टीचर शमा निगार निवासी शेखुपरा बनारस, चंद्रकला क्षेत्री निवासी राजपुर और संविदा कर्मी कृष्ण कांत उर्फ कांछा निवासी चंद्रलोक कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जब इन लोगों की गिरफ्तारी कर रही थी तो परिजनों ने जमकर विरोध किया। उनका आरोप था कि इन्हें गलत फंसाया जा रहा है।
दो संवासिनी समेत तीन गवाहों के बयान कलमबंद
पुलिस ने शुक्रवार को दो संवासिनी और एक कर्मचारी के 164 के तहत कोर्ट में बयान कलमबंद करवाए। कर्मचारी बलिराम और दोनों संवासिनी को जेएम प्रथम की कोर्ट में लाया गया, जहां उनके बयान हुए।
बलिराम उस समय स्कूटर पर कृष्णकांत के साथ पीछे बैठकर दूधली गांव गया था, जहां पर कृष्णकांत ने उसे अंधेरे में रखकर भ्रूण जंगल में दबाया था। बलिराम ने उसे टोका भी था, पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि इन बयानों से पुलिस को अनुसंधान में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की जुबानी आरोपियों की कहानी
शमा निगार (क्राफ्ट टीचर)- शमा ने ही संवासिनी को गर्भपात के लिए गोलियां दी थीं। यही नहीं, रजिस्टर की एंट्री में छेड़छाड़ में भी उसका योगदान रहा है।
किरण नौटियाल (नर्स )- नर्स ने गर्भपात के बाद संवासिनी की गलत नाम से एंट्री कराई और जिम्मेदारी निभाने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की।
चंद्रकला क्षेत्री (क्राफ्ट टीचर)- संवासिनी को इलाज के लिए ले जाने वाली महिला कर्मियों में वह भी शामिल थी, जिसने अपराध छिपाने में पूरी-पूरी मदद की।
भ्रूण को दबाने में कांछा का अहम रोल
कृष्णकांत उर्फ कांछा (संविदा कर्मी)- भ्रूण ठिकाने लगाने में इसका बड़ा योगदान रहा। नारी निकेतन से भ्रूण को निकालकर यही दूधली गांव में दबाकर आया था।
एसपी सिटी का है कहना
नारी निकेतन प्रकरण में साक्ष्यों के आधार पर तीन महिला कर्मियों समेत चार की गिरफ्तारी हुई है। इन कर्मचारियों ने संवासिनी का गर्भपात करने के साथ अपराध के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया है। अभी विवेचना चल रही है। यदि और किसी के खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक (नगर)