दुष्कर्म के इन मामलों में पीड़िताओं को इंसाफ तो मिला लेकिन उनकी आत्मा पर लिखी दर्द की दास्तां वह कभी नहीं भूल पाएंगी।
बुजुर्ग ने छोटी बहनों को कमरे में बंद कर बड़ी बहन से किया दुराचार, अब मिली सजा
उत्तरकाशी में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग बंचूलाल को जिला न्यायाधीश ने दस साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक धरासू थाना क्षेत्र के एक गांव में पिछले वर्ष 28 जुलाई को पीड़ित बच्ची के पिता तबियत खराब होने से इलाज के लिए अस्पताल जा रहा थे, लेकिन उसकी तीन बेटियों में से मंझली बेटी ने उसे जाने से मना किया।बच्ची ने बताया कि जब घर में कोई नहीं होता है, तब पड़ोस का ताऊ बंचूलाल घर में आता है और दोनों बहनों को कमरे में बंद कर बड़ी बहन (14 वर्ष) के साथ गलत काम करता है। पिता ने पीड़ित बड़ी बेटी से घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह उसके साथ दुष्कर्म करता है और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता है। बेटी की आपबीती सुन पिता ने 30 जुलाई को धरासू थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जिला न्यायाधीश डीपी गैरोला की अदालत में चले मुकदमे की सुनवाई में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह और अन्य सबूत पेश किए। सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 354-ए, 506 एवं पोक्सो एक्ट के तहत दस साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।