फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के इन मामलों में मिला इंसाफ, लेकिन पीड़िताओं की कहानी पढ़कर कांप जाएगी आपकी रूह

Fri, 30 Mar 2018 09:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

दुष्कर्म के इन मामलों में पीड़िताओं को इंसाफ तो मिला लेकिन उनकी आत्मा पर लिखी दर्द की दास्तां वह कभी नहीं भूल पाएंगी।

विज्ञापन


बुजुर्ग ने छोटी बहनों को कमरे में बंद कर बड़ी बहन से किया दुराचार, अब मिली सजा
उत्तरकाशी में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग बंचूलाल को जिला न्यायाधीश ने दस साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक धरासू थाना क्षेत्र के एक गांव में पिछले वर्ष 28 जुलाई को पीड़ित बच्ची के पिता तबियत खराब होने से इलाज के लिए अस्पताल जा रहा थे, लेकिन उसकी तीन बेटियों में से मंझली बेटी ने उसे जाने से मना किया।बच्ची ने बताया कि जब घर में कोई नहीं होता है, तब पड़ोस का ताऊ बंचूलाल घर में आता है और दोनों बहनों को कमरे में बंद कर बड़ी बहन (14 वर्ष) के साथ गलत काम करता है। पिता ने पीड़ित बड़ी बेटी से घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह उसके साथ दुष्कर्म करता है और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता है। बेटी की आपबीती सुन पिता ने 30 जुलाई को धरासू थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


जिला न्यायाधीश डीपी गैरोला की अदालत में चले मुकदमे की सुनवाई में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह और अन्य सबूत पेश किए। सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 354-ए, 506 एवं पोक्सो एक्ट के तहत दस साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

विज्ञापन

नाबालिग का अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराकर जबरन लिया था निकाह 

rape
हल्द्वानी में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) प्रीतू शर्मा की अदालत ने अपहरण कर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को 12 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। आरोप है कि अभियुक्त ने नाबालिग का धर्म परिवर्तन कराकर जबरन निकाह भी कर लिया था।

विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार, रामनगर की रहने वाली हाइस्कूल की छात्रा (17) को रामपुर जिले के परकेई बड़ापुरा सोमाली निवासी अरशद अली 19 मार्च 2016 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उसने जंगल में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। डरा-धमकाकर उसे अपने घर ले गया। इस मामले में छात्रा के पिता ने रामनगर थाने में 20 मार्च को धारा 365 के तहत गुमशुदगी दर्ज कराई।

पुलिस ने काशीपुर में छापा मारकर दोनों को बरामद कर लिया। छात्रा ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया कि अरशद अली ने दुष्कर्म करने के बाद उसका धर्म परिवर्तन कराया। इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती निकाह किया। मेडिकल जांच से पता चला कि किशोरी गर्भवती हो गई है। बाद में उसने बच्चे को जन्म दिया। पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया। 
बताया गया कि अरशद रामनगर में मजदूरी करता था। उपनिरीक्षक श्वेता नेगी ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अदालत में उपस्थित होकर उम्र को प्रमाणित किया। शुक्रवार को अदालत ने सजा सुनाई।

इन धाराओं में हुई सजा 
- धारा 376 (2) 12 साल की सजा 10 हजार अर्थदंड
- धारा 363  के तहत पांच साल की सजा पांच हजार रुपये अर्थदंड
- धारा 366 के तहत सात वर्ष की सजा तीन हजार रुपये अर्थदंड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें