उत्तरकाशी के आजाद मैदान में 63 साल से हो रहा श्रीराम लीला का मंचन न केवल एकत्व का प्रतीक है, बल्कि यह मंच कई कलाकारों एवं रामलीला समिति के पदाधिकारियों के लिए सफलता की पहली सीढ़ी भी साबित हुई है।
मंचन के सफल संचालन और अभिनय करने वाले कई कलाकारों ने राजनीतिक, सामाजिक सहित कई अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त कर जिले के नाम रोशन किया है।
विभिन्न क्षेत्रों में रोशन किया नाम
वैसे तो जिले के अधिकांश गांवों में रामलीला मंचन होता है, लेकिन नगर में होने वाला रामलीला मंचन अनूठा है। मंचन में जिलेभर के साथ ही बाहरी जिलों के कलाकार भी मंचन करते हैं।
यही नहीं मंच पर अभिनय तथा मंचन में सहयोग देने वाले कई लोगों के लिए मंच जीवन में सफलता की पहली सीढ़ी भी साबित हुआ है। निस्वार्थ सेवा भाव से जुड़े इन राम भक्तों ने राजनीति, सामाजिक सहित अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त की।
नेता से लेकर अधिकारी तक हुए
देशभर में पहचान रखने वाले कामरेड स्व. कमलाराम नौटियाल भी 70 के दशक में रामलीला समिति के अध्यक्ष रहे जबकि रंगकर्मी स्व. पातीराम नौटियाल ने भी कई सालों तक राम तथा स्व. भागवत सेमवाल ने रामलीला समिति सचिव रहते हुए अभिनय किया।
सेवानिवृत्त जिला युवा कल्याण अधिकारी जीतवर सिंह राणा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत महाविद्यालय के उमेश प्रसाद बहुगुणा भी वर्षों से राम कार्य से जुड़े हुए हैं।