पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश चंद्र पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश में सरकार के भीतर और बाहर अराजकता की स्थिति है जिससे सरकार आत्महत्या के करीब पहुंच गई है। रुद्रपुर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने के लिए देहरादून से रुद्रपुर जाते वक्त वह कुछ समय के लिए होटल गौतमी हाइट्स में रुके।
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भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता, लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संरक्षक राम मेहरोत्रा, जिलाध्यक्ष खिलेंद्र चौधरी, मोहन बिष्ट ने कार्यकर्ताओं के साथ निशंक और ऋषिकेश के विधायक प्रेम अग्रवाल का स्वागत किया। इसके बाद पत्रकारों से मुखातिब निशंक ने कहा कि प्रदेश सरकार में अराजकता की स्थिति है। एक मंत्री दूसरे की खुलेआम आलोचना करता है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति दयनीय हो चुकी है। लूट, हत्या, डकैती, बलात्कार और चोरियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंत्री व विधायकों की दिल्ली दौड़ जारी है। एक साल पहले केदारनाथ आपदा पीड़ितों को अभी तक राहत नहीं मिली है। निशंक ने कहा खनन के नाम पर प्रदेश में गढ़वाल से कुमाऊं तक लूट मची है।
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सत्ता पक्ष कद्दावर कांग्रेस नेता से कार्यकर्ता तक अवैध खनन में लिप्त हैं। अवैध खनन से सरकार को हजारों करोड़ रुपयों की राजस्व हानि हो रही है। विधानसभा उप चुनाव में भले ही भाजपा उम्मीदवार हार गए हो परंतु भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है।
अगर मुख्यमंत्री हरीश रावत को हिम्मत होती तो डोईवाला से चुनाव लड़ते। निशंक का स्वागत करने वालों में ईश्वर चंद्र गुप्ता, राजेंद्र सैनी, गुरविंदर सिंह चंडोक, अमित मनचंदा, रविपाल, मनोज पाल, राकेश पंत आदि मौजूद थे।
कार्यसमिति की बैठक में पार्टी महाभारत की चर्चा
उधर रुद्रपुर में उत्तराखंड भाजपा नेताओं के बीच छिड़े महाभारत युद्घ (पारिवारिक युद्घ) को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व ने धर्म-अधर्म के फर्क को समझाने की कोशिश की।
रुद्रपुर में चल रही तीन दिवसीय भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक में रविवार को पहुंचे राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि दुर्योधन को पता था कि जो वह कर रहा है वह अधर्म है, लेकिन वह फिर भी करता रहा। उन्होंने नेताओं को चेताया कि जानबूझकर अधर्म की राह मत चलो, वर्ना महाभारत के दुर्योधन जैसा हश्र होगा।
उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेता भी अधर्म के मार्ग पर हैं, गुटबाजी को हवा देकर पार्टी का नुकसान पहुंचा रहे हैं, वो समझ लें कि नतीजा उनके हक में नहीं आएगा। सह महामंत्री कि कहा कि नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य तय कर आगे बढ़ो, अभी यह तय होना चाहिए कि 2017 में हमारा एजेंडा क्या होगा।
उन्होंने संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और लक्ष्य निर्धारित कर उसे भेदने की नसीहत दी। अध्यक्षीय भाषण में प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने पार्टी में चली आ रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि अभी तक जो कांग्रेस में होता था वैसा भाजपा में भी दिखने लगा है। यह ठीक नहीं है।
पार्टी के भीतर केवल मीटिंग, सिटिंग और चीटिंग
शिवप्रकाश ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही देश में सुशासन की झलक दिखने लगी है। प्रदेश भाजपा को भी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर केवल मीटिंग, सिटिंग और चीटिंग का खेल हो रहा है। विधानसभा उपचुनाव व पंचायतों में हमें कांग्रेस से नहीं बल्कि भाजपाइयों से ही शिकस्त मिली है।
समीक्षा हो रही है, कोई कितना भी बड़ा पदाधिकारी, सांसद, विधायक हो दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी। पूरे देश में भाजपा का परचम लहराने के बाद तुरंत उत्तराखंड में पंचायत और विधानसभा उपचुनाव की हार भाजपा को भुलाकर आगे बढ़ने के लिए एक साथ कार्यसमिति में बैठे भाजपा नेताओं ने उसे फिर से हरा कर दिया।
किसी ने नसीहत दी तो किसी ने मरहम लगाने की कोशिश भी की। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने डोईवाला सीट पर मिली हार पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस ने दो लोगों को मैनेज कर चुनाव जीत लिया। बावजूद भाजपा के वोटों में भारी बढ़ोत्तरी हुई। आरोप तो वो भी लगा सकता है जो अपना बूथ जीतने की स्थिति में नहीं है।
आखिर आपसी तकरार की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि हमे नरेंद्र मोदी के पदचिन्हों पर आगे बढ़ना होगा।
भाजपा नेता अब जान चुके हैं कि पंचायत चुनाव और उपचुनाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत की रणनीति ने ही उन्हें चारो खाने चित किया है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने सम्बोधन में स्पष्ट तौर पर कि मैंने तीरथ और निशंक दोनों को सुना, यह ध्यान रहना चाहिए कि राजनीति में जब दूसरों के हक हकूक पर डांका पड़ता है तभी अंतरकलह का दौर शुरू होता है।
उन्होंने भाजपा नेताओं को चेताया कि प्रदेश का सीएम सरल आदमी नहीं है। वह महा तिकड़मी है, सभी कलाओं में निपुण है। इसलिए एक होकर लड़ों तभी बात बनेगी, वर्ना 2017 की जंग आसान नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कोई मुझे गाली तो कोई बात नहीं, लेकिन उससे पार्टी को नुकसान नहीं होना चाहिए।
राजनीतिक प्रस्ताव के मुख्य बिंदु पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत ने बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखा। जिसे विधायक मदन कौशिक ने समर्थन किया और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी व पूरण चंद शर्मा ने उसका अनुमोदन किया।
प्रस्ताव के मुख्य बिन्दु : झूठे वादों के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार असफल हो चुकी है। : सिडकुल में हीरो मोटो कार्प को छूट देने के रूप में 266 करोड़ का घपला हरीश सरकार ने किया और डीएम कोर्ट ने स्टांप चोरी के मामले में कंपनी पर 111 करोड़ की पेनल्टी लगाई।
: भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व की भाजपा सरकार लोकायुक्त बिल लाई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही खत्म कर दिया।
: अटल खाद्यान्न योजना को भी बंद कर दिया, जो फिर से शुरू होनी चाहिए। : प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब है, बलात्कार व ट्रिपल मर्डर जैसे जघन्य अपराध हो रहे है।
: उद्योगों में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है जिसके शिकार प्रदेश के युवा हो रहे है। : 150 से ज्यादा दायित्वधारी बनाकर राजकोश पर सरकार ने हर माह करोड़ों रुपए का भार डाल दिया है। : राज्य में सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव हो गया है।