बिना नक्शा पास कराए बनाए जा रहे पतंजलि योगपीठ के जड़ी-बूटी अनुसंधान केंद्र और संग्रहालय के निर्माण को लेकर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का रुख सख्त है।
पतंजलि के जवाब का इंतजार
अगर नक्शा पास नहीं कराया गया तो यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जा सकता है। प्राधिकरण के अधिकारी 29 अक्तूबर को पतंजलि की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
पतंजलि योगपीठ की ओर से जड़ी-बूटी अनुसंधान केंद्र और संग्रहालय का निर्माण हरिद्वार रोड स्थित योगपीठ के परिसर में किया जा रहा है। इस बहुआयामी संस्थान की आधारशिला पिछले दिनों हरिद्वार आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रखी थी।
प्राधिकरण ने इस प्रतिष्ठान का जायजा लेने के बाद पाया था कि इसका नक्शा विधिवत पास नहीं कराया गया है। इसलिए यह अनाधिकृत है।
नोटिस जारी कर रुकवाया काम
इस संस्थान का बेसमेंट लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही आगे का कार्य जारी है। लेकिन प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी कर काम रुकवा दिया गया है।
अधिकारियों के नोटिस के जवाब में पतंजलि योगपीठ की ओर से एक नक्शा दाखिल किया गया, जिस पर ग्राम प्रधान की मोहर लगी हुई है। लेकिन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसे अमान्य करार दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एरिया में अब केवल प्राधिकरण की ओर से पास किए गए नक्शे ही मान्य होंगे। ग्राम प्रधान की मोहर वाले नक्शे नहीं चलेंगे।
प्राधिकरण के अवर अभियंता वीके माथुर ने बताया कि 29 अक्तूबर को पतंजलि की ओर से जो भी जवाब दाखिल किया जाएगा। उसके बाद ही प्राधिकरण अगली कार्रवाई करेगा।