..तो निर्विरोध चुना जाना तय
राज्यसभा के लिए खाली हो रही एक सीट पर यदि कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारती है तो भाजपा की प्रत्याशी डॉ.कल्पना सैनी का निर्विरोध चुना जाना तय है। इसके बाद उनकी जीत की औपचारिक घोषणा मात्र शेष रह जाएगी। दरअसल, राज्यसभा चुनाव में जीत का पूरा गणित भाजपा के ही पक्ष में है। विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 19 और दो निर्दलीय विधायक हैं। जीत हासिल करने के लिए भाजपा के पास बहुमत है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बोले- पार्टी हाईकमान ने लिया निर्णय
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से भेजे गए पैनल में प्रत्याशियों के नाम पर गहन चर्चा करने के बाद पार्टी हाईकमान ने डॉ. कल्पना सैनी को प्रत्याशी घोषित किया है। वे पार्टी की सक्रिय और कर्मठ कार्यकर्ता रही हैं। 31 मई को प्रत्याशी की ओर से नामांकन पत्र भरा जाएगा।
उत्तराखंड बनने के बाद दूसरी महिला पहुंचेगी राज्यसभा
उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद डॉ.कल्पना सैनी राज्यसभा जाने वालीं प्रदेश की दूसरी महिला सदस्य होंगी। इससे पहले स्व.मनोरमा शर्मा डोबरियाल कांग्रेस के टिकट से राज्यसभा जा चुकी हैं। प्रदेश की सियासत में महिलाओं के नजरिये से रविवार को दूसरा अध्याय जुड़ गया, जब भाजपा ने रुड़की निवासी डॉ.कल्पना सैनी को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया। राज्य गठन के बाद महिलाओं को राज्यसभा तक पहुंचाने के मामले में कांग्रेस ने शुरुआत की थी।
कांग्रेस ने देहरादून की पूर्व मेयर स्व.मनोरमा डोबरियाल शर्मा को 26 नवंबर 2014 को राज्यसभा सांसद चुना गया था। हालांकि दुर्भाग्य से वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं, 18 फरवरी 2015 को उनका निधन हो गया। इसके बाद उपचुनाव हुए, जिसमें राजबब्बर राज्यसभा सांसद चुने गए थे। हालांकि राज्य गठन से पहले भाजपा एक महिला को राज्यसभा भेज चुकी है जो कि राज्य बनने के बाद भी बनी रहीं। तीन अप्रैल 2000 को सुषमा स्वराज राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं, जो कि राज्य गठन के बाद भी दो अप्रैल 2006 तक राज्यसभा की सांसद रहीं। ऐसे में राज्य गठन के बाद उत्तराखंड से राज्यसभा जाने वालीं डॉ.कल्पना दूसरी महिला बन जाएंगी।