उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के दूसरे सत्र का फैसला विधानसभा सचिवालय के लिए कुछ चौंकाने वाला है। इसकी वजह राज्य सभा के चुनाव का कार्यक्रम माना जा रहा है। दरअसल, विधायी एवं संसदीय विभाग ने सात जून से सत्र आहूत करने का निर्णय लिया है, लेकिन 10 जून की तारीख राज्यसभा चुनाव के लिए तय की गई है। 24 मई को चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी।
हालांकि विधानसभा में मजबूत संख्या बल होने की वजह सत्तारूढ़ भाजपा को चुनावी डगर बेहद आसान नजर आ रही है। लेकिन यदि किसी सदस्य ने चुनाव लड़ने की जिद पकड़ ली तो राज्यसभा के लिए मतदान की नौबत आ सकती है। ऐसी स्थिति में विधानसभा के सभी सदस्यों को गैरसैंण से देहरादून आना होगा।
विधानसभा सचिवालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राज्य सभा के चुनाव के लिए देहरादून विधानसभा का स्थान तय है। इसकी पूर्व सूचना भारत के निर्वाचन आयोग को दी जा चुकी है। इसमें किसी भी तरह के बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है। यानी राज्यसभा का चुनाव भराड़ीसैंण विधानसभा में नहीं कराया जा सकता।
यदि मतदान की स्थिति पैदा होती है तो मुख्यमंत्री व मंत्री से लेकर सभी विधानसभा सदस्यों को मतदान के लिए देहरादून आना पड़ेगा। अभी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वह राज्य सभा चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी या नहीं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि संगठन पार्टी प्रभारी और पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद ही प्रत्याशी उतारे जाने का निर्णय लेगा।