राजनाथ सिंह ने कहा कि 2022 तक देश में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा, जिसके सिर पर पक्की छत न हो। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि छह वर्षों में केंद्र सरकार ने ढाई करोड़ मकान बनाए। 10 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया। ढाई करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई। साढ़े आठ करोड़ महिलाओं को एलपीजी सिलेंडर दिए। आयुष्मान भारत में गरीब बीमार को गोल्डन कार्ड दिया, ताकि वह पांच लाख तक मुफ्त इलाज करा सके।
9.50 करोड़ किसानों को पेंशन दिलाई। सवा दो करोड़ को अटल पेंशन योजना का लाभ दिया। 25 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाने के लिए हर घर नल की योजना शुरू की, इसके लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरू की। 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दिया ताकि कोविड -19 से उपजे हालातों के बीच रोजगार के संकट को दूर किया जा सके। एमएसएमई योजना परिभाषा ही बदल दी। तीन लाख करोड़ रुपये की बगैर गारंटी ऋण प्राप्त करने की व्यवस्था की।
आत्मनिर्भर भारत का संकल्प करेंगे
उन्होंने कहा कि छह वर्ष में देश ने काफी तरक्की की। अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी। जब देश आगे बढ़ रहा था, तो कोविड-19 महामारी की चुनौती खड़ी हो गई। दुनिया का कोई देश इससे अछूता नहीं है। पीएम ने सूझबूझ के साथ इस चुनौती से मुकाबला करने का प्रयास किया, जिसकी पूरी दुनिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन सराहना कर रहा है। हम स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया। आज हम पीपीपी किट बना ही नहीं रहे हैं दुनिया के देशों को एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं। हमारा संकल्प पक्का है कि हम सशक्त, स्वाभिमानी आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।
राजनाथ को गृह मंत्री बोल गए भगत
प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत अपने संबोधन में राजनाथ सिंह को गृह मंत्री बोल गए। बाद में उन्हें इस गलती का एहसास हुआ।