केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सेवारत आईएएस अधिकारियों का आह्वान किया अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह बनें। उन्होंने कहा राजनीतिज्ञ अच्छी नीतियां तो बना सकते हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन अधिकारियों को ही करना होता है।
राजनाथ लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में मंगलवार सुबह मिड टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत सेवारत अधिकारियों की कार्यशाला में बोल रहे थे।
अब भी समाज में आर्थिक भिन्नता
उन्होंने कहा मौजूदा समय में दुनिया में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल का दौर चल रहा है। देश आर्थिक प्रगति की ओर अग्रसर है, लेकिन अब भी समाज में आर्थिक भिन्नता बनी है।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही होनी चाहिए। अधिकारियों को जनता से सीधा संवाद करना चाहिए।
राजनाथ ने कहा अधिकारी ऐसी कार्य संस्कृति अपनाएं, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के तत्कालीन उद्बोधन को रेखांकित कर कहा आजादी के छह दशक बाद भी उतना की प्रासंगिक है, जितना उस वक्त था।
कहा तब भी पटेल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी और जीरो टालरेंस की बात कही थी। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के पटेल हाल में आईएएस अफसरों को संबोधित करते हुए कहा उन्हें देशसेवा करने का स्वर्णिम अवसर मिला है।
भावी अफसरों को दिया मूलमंत्र
अवसर का ईमानदारी से गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निर्वहन करें। आईएएस अधिकारियों को जीरों डस्ट, जीरो रिमाइंडर, जीरो एंड जीरो करप्सन का मूलमंत्र दिया।
राजनाथ ने कहा मौजूदा समय में देश को आंतरिक और बाह्य ताकतों से खतरा बना है। देश में माओवाद और सीमापार से आतंकवाद जैसी वारदातों का सामना करना पड़ रहा है।
सत्ता प्रतिष्ठान और अधिकारियों के आपसी तालमेल से ही समस्याओं का हल संभव है। इससे पहले अकादमी परिसर में गृहमंत्री का अकादमी निदेशक राजीव कपूर ने स्वागत किया।
राजनाथ सोमवार रात करीब पौने आठ बजे सड़क मार्ग से लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी पहुंचे थे। सपरिवार अकादमी के कालिंदी गेस्ट हाउस में ठहरे।
मंगलवार को भी पूरा दिन अकादमी में बिताया। राजनाथ ने अकादमी के प्रोफेसर और प्रशिक्षु अधिकारियों से भी बातचीत की। गृहमंत्री बुधवार सुबह मसूरी से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।