राजाजी नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पार्क की निदेशक नीना ग्रेवाल और प्रथम यात्री मासूम बालिका ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर चीला ट्रैक पर पर्यटकों की सफारी टैक्सियों को रवाना किया।
पर्यटकों के साथ कई पशु प्रेमी भी मौजूद
पहले दिन 12 सफारी टैक्सियों को ट्रैक पर रवाना किया गया। 26 वाहनों से 150 पर्यटकों ने पार्क में घूमकर सांभर, चीतल, जंगली सुअर, मोर, बारहसिंघा के दीदार किए। पर्यटकों के साथ कई पशु प्रेमी भी मौजूद रहे। उधर रानीपुर गेट में पार्क निदेशक ने सुबह नौ बजे रिबन काटकर पर्यटकों की सफारी गाड़ी को रवाना किया।
इससे पहले स्वामी ऋषिश्वरानंद ने गेट पर नारियल फोड़ा। चार सफारी वाहन और स्कूली बच्चों की दो बसें रवाना की गई। मौके पर चीला के रेंजर डीपी उनियाल, उप वन संरक्षक किशनचंद, बीबी शर्मा, राजपाल सिंह, विनोद शुक्ला, आशीष, सीमा कुकरेती, रीना, सत्येंद्र चौहान आदि थे।
ये है किराया
भारतीय - 150 रुपए
विदेशी - 600 रुपए
प्रवेश शुल्क टैक्सी - 250(भारतीय) 500 (विदेशी) रुपए
सफारी टैक्सी किराया - 1500 रुपए
यात्रियों की क्षमता - 6 से 7
चीला ट्रैक की लंबाई - 36 कि.मी.
रानीपुर ट्रैक की लंबाई - 12 कि.मी
पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। राजाजी नेशनल पार्क में पांच टूरिस्ट जोन पर्यटकों के लिए खोले गए हैं। कोशिश ये रहेगी कि अधिक से अधिक पर्यटक राजाजी पार्क में आएं।
- नीना ग्रेवाल, निदेशक राजाजी नेशनल पार्क