सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी(सीईसी) की रोक के बावजूद राजाजी राष्ट्रीय पार्क में दीवार का निर्माण जारी है।
अनुमति लिए बिना ही दीवार का निर्माण शुरू
जबकि, सीईसी ने काम रोकने का आदेश जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। राजाजी राष्ट्रीय पार्क स्थित गौहरी माफी में पार्क प्रशासन ने वाइल्ड लाइफ बोर्ड से अनुमति लिए बिना ही दीवार का निर्माण शुरू किया था।
इस काम का जिम्मा सिंचाई विभाग को दिया गया है। वन्य जीव प्रेमियों का कहना है कि यह दीवार हाथी और बाघों के कॉरिडोर में बनाई जा रही है। इससे वन्यजीवों को परेशानी होगी।
इस पर विवाद खड़ा हुआ तो वन विभाग ने खुद जांच कराकर दीवार को हरी झंडी दे दी। इस बीच किसी ने सुप्रीम कोर्ट में इस निर्माण को चुनौती दे दी।
रोक के बाद भी
सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने निर्माण पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार, वन विभाग और सिंचाई विभाग से जवाब तलब किया था। बावजूद इसके पार्क में दीवार निर्माण जारी है।
सूत्रों के मुताबिक कोई अड़चन आने से पहले पार्क प्रशासन दीवार का काम पूरा कर देना चाहता है। इसलिए देर शाम तक भी काम किया जा रहा है।
सीईसी सदस्य की खूब हो रही आवभगत
सूत्रों के मुताबिक पार्क में इन दिनों सीईसी से जुड़े एक सदस्य अपने दोस्तों संग छुट्टियां बिताने राजाजी पार्क पहुंचे हुए हैं। पार्क के निदेशक और अन्य कर्मचारी उनकी खूब आवभगत कर रहे हैं।
पार्क प्रशासन का मकसद इस सदस्य के मार्फत दीवार के पक्ष में माहौल बनाना है। वन्य जीव प्रेमियों ने इस पर सख्त विरोध जताया है। वन्य जीव प्रेमियों का कहना है कि इससे सीईसी की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।