मंडल मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में मलबा आने से शनिवार को बंद हुए ग्रामीण क्षेत्रों के कई मार्ग 24 घंटे बाद भी नहीं खोले जा सके हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शुक्रवार को बारिश के दौरान मलबा आने से पौड़ी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के मुसौली-तेलधार मोटर मार्ग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने ऐता-चरेक मोटर मार्ग और कसानी-ठेसवानी मोटर मार्ग सहित कई मार्ग बंद हो गए थे। ऐसे में ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है
कई गांवों का एक दूसरे से संपर्क ही कट गया है। वहीं लोनिवि के प्रभारी मुख्य अभियंता ओम प्रकाश का कहना है कि मार्ग खोलने के लिए श्रमिकों के साथ ही जेसीबी लगाई गई है। जल्द मार्गों को खोल दिया जाएगा।
मौसम से मिली मोहलत और करीब 22 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच के अधिकारी ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में मलबा आने से अवरुद्ध यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु कर पाए हैं। सड़क खुलने पर जानकीचट्टी की ओर फंसे यात्री वाहन सुरक्षित लौट आए हैं। हालांकि इस हिस्से में बार-बार सड़क अवरुद्ध होने पर अब तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम का रुख करने से कतरा रहे हैं।
ओजरी डबरकोट स्लिप जोन यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बन चुका है। यात्रा सीजन के दौरान हुई हल्की बरसात में भी यहां कई बार हाईवे अवरुद्ध हुआ। अब मानसून सीजन की बारिश इस हिस्से पर भारी पड़ने लगी है। बीते बुधवार रात को यहां भूस्खलन सक्रिय होने से यातायात अवरुद्ध हो गया था, जिसे बृहस्पतिवार दोपहर में खोला जा सका था। उसी दिन रात को अवरुद्ध हुई सड़क शुक्रवार शाम को कुछ देर के लिए खुली, लेकिन पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात नहीं थमने के कारण यहां यातायात सुचारु नहीं हो पाया था।
शुक्रवार से बारिश रुकी होने पर यहां मलबा हटाने के काम में तेजी आई और कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार दोपहर दो बजे यातायात सुचारु किया गया।
सड़क खुलने के साथ ही यमुनोत्री की ओर फंसे यात्री वाहनों को सुरक्षित निकाला गया। मौसम खुशगवार होने पर यमुनोत्री की ओर भी वाहनों की आवाजाही सुचारु है, लेकिन बार-बार सड़क अवरुद्ध होने के खतरे को देखते हुए अब तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम का रुख करने से कतरा रहे हैं।