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#जीएसटीएकवर्ष : उत्तराखंड में 70 हजार नए व्यापारी जुड़े, कमाई में 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Sun, 01 Jul 2018 09:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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GST
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू हुए आज एक जुलाई 2018 को एक साल पूरा हो गया। इस अवधि में उत्तराखंड राज्य में वैट की तुलना में जीएसटी से टैक्स वसूली 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

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जीएसटी में 70 हजार करदाता व्यापारी बढ़ने से 11 महीने में राज्य से 15,120 करोड़ का टैक्स एकत्रित हुआ है। उधर एक साल बाद भी व्यापारियों को टैक्स रिटर्न फाइल करने में आ रही दिक्कतें दूर नहीं हुई है। व्यापारी चाहते हैं कि रिटर्न भरने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए। 

एक देश-एक टैक्स के मकसद से केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2017 की आधी रात को पूरे देश में जीएसटी लागू किया। शुरुआत में व्यापारियों को जीएसटी अपनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे नए करदाता व्यापारी भी इसमें जुड़े गए। वैट में पंजीकृत एक लाख व्यापारियों में से 83 हजार का जीएसटी में माइग्रेशन किया गया। 70 हजार नए पंजीकरण होने से जीएसटी में व्यापारियों की संख्या 1.53 लाख पहुंच गई है। 

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उत्तराखंड से कुल 15,120 करोड़ का टैक्स जमा हुआ

जीएसटी में करदाता व्यापारी बढ़ने से राज्य में टैक्स वसूली बढ़ी। लेकिन सरकार को टैक्स से मिलने वाले राजस्व में कोई बदलाव नहीं आया। अगस्त 2017 से लेकर जून 2018 तक 11 महीने में उत्तराखंड से कुल 15,120 करोड़ का टैक्स जमा हुआ। इसमें राज्य सरकार को एसजीएसटी के रूप में 5,500 करोड़ का टैक्स मिला। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों का सारा टैक्स आईजीएसटी में जा रहा है। इसमें मार्च 2018 तक 7357 करोड़ का टैक्स आईजीएसटी में जमा हुआ है। 
टैक्स और व्यापारी तो बढ़े राजस्व नहीं 
वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली (जीएसटी) लागू होने से राज्य में टैक्स वसूली बढ़ी है और करदाता व्यापारी भी बढ़े हैं। लेकिन उस अनुपात में राज्यकर का हिस्सा नहीं बढ़ा है। राज्य से एकत्रित हो रहा टैक्स एसजीएसटी में कम और सीजीएसटी व आईजीएसटी में ज्यादा जा रहा है। इससे  राज्य सरकार का राजस्व टैक्स वसूली के हिसाब से नहीं बढ़ा है। प्रदेश में स्थापित उद्योगों का सारा टैक्स जीएसटी लागू होने के बाद दूसरे राज्यों में जा रहा है। उद्योगों में तैयार माल पर लगने वाला टैक्स सीधे तौर पर आईजीएसटी व सीजीएसटी को मिला है। अब सरकार के समक्ष टैक्स से राजस्व बढ़ाने की सबसे बड़ी चुनौती है। 
 
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रोजाना जनरेट हो रहे 32 हजार ई-वे बिल

ई-वे बिल
जीएसटी में माल परिवहन के लिए एक मई से ई-वे बिल सिस्टम लागू किया गया। राज्य के 24 सौ कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों ने ई-वे बिल में पंजीकरण किया। राज्य से माल परिवहन के लिए प्रतिदिन 32 हजार ई-वे बिल ऑनलाइन जनरेट किए जा रहे हैं। 

जीएसटी लागू करने के बाद उत्तराखंड में टैक्स वसूली में 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह जीएसटी में नए व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन किया है। कारोबारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए केंद्र सरकार भी समय-समय पर जीएसटी एक्ट में संशोधन कर रही है। टैक्स रिटर्न फाइल करने में कारोबारियों की सुविधा के लिए 1189 जीएसटी मित्रों को प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही ब्लाक स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को जीएसटी सेवा केंद्रों के रूप में समक्ष बनाया गया।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री

जीएसटी लागू करना सही है। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। व्यापारी अभी तक रिटर्न भरने की अलग-अलग अस्थायी प्रक्रिया में उलझा हुआ है। व्यापारियों व उद्यमियों की मांग है कि जीएसटी में रिटर्न भरने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड
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