फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेल बजटः गौड़ा की गाड़ी ने उत्तराखंड को किया निराश

Wed, 09 Jul 2014 01:28 AM IST
अमर उजाला, देहरादून, हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड की गाड़ी एक बार फिर रेल बजट के ट्रैक पर नहीं चढ़ सकी। गढ़वाल (वाराणसी रामेश्वरम वाया हरिद्वार) और कुमाऊं (रामनगर-आगरा) को एक-एक ट्रेनों झुनझुना और केदारनाथ-बदरीनाथ तक रेल लाइन की संभावनाओं का सर्वे बस इतने पर ही रेल बजट की गाड़ी पटरी से उतर गई।
विज्ञापन


रेल मंत्रालय ने हाल ही जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों के बीच से रेल ट्रैक बिछाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। ऐसे में कठिन होने के बाद भी केदारनाथ-बदरीनाथ तक रेल सफर की संभावना को बल मिला है। लेकिन अन्य रेल परियोजनाओं के रिकार्ड पर नजर डालें तो इस नए सर्वे को लेकर भी शंका स्वाभाविक है।

मसलन सर्वे कब शुरू होगा और फिर क्या रिपोर्ट वहां के दरकते पहाड़ों और उफनाती नदियों के बीच रेल ट्रैक बिछाने की इजाजत देगी। रेल ट्रैक को लेकर सर्वे रिपोर्ट अनुकूल भी आती है तो यह योजना पूरी करने में रेलवे को सालों लगेंगे।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

पहले ही दर्ज हैं कई सर्वे, अब एक और

उत्तराखंड में नए रेल ट्रैक को लेकर अब तक दस सर्वे प्रक्रिया में हैं। सहारनपुर-देहरादून के बीच सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। बावजूद इसके हजारों यात्रियों को सड़क मार्ग या फिर वाया रुड़की हरिद्वार रेल यात्रा करनी पड़ रही है।

इसी तरह ऋषिकेश-देहरादून रेल लाइन का सर्वे भी लगभग पूरा है लेकिन परियोजना के जमीन पर उतरने का इंतजार है। उधर काशीपुर-नजीबाबाद-धामपुर, हल्द्वानी-चोरगलिया, हल्द्वानी-रीठा साहेब, पिरान कलियर-रूड़की-हरिद्वार, देहरादून-पुरोला, देहरादून-कालसी और टनकपुर-जौलजीवी के बीच रेल लाइन का सर्वे फिलहाल चल रहा है।

ऐसे में अब केदारनाथ-बदरीनाथ रेल लाइन की संभावनाओं से रेल मंत्रालय ने आस जगाने के साथ एक सवाल भी खड़ा कर दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें