कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बृहस्पतिवार दोपहर लगभग 12:20 बजे उत्तराखंड के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। राहुल चार्टर प्लेन से जौलीग्रांट पहुंचे, जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया।
दोपहर लगभग डेढ़ बजे राहुल गांधी मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ गौरीकुंड पहुंचे। राहुल आम भक्त की तरह प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और अन्य कांग्रेसियों के साथ आज बृहस्पतिवार को गौरीकुंड से पैदल लिनचौली तक जाएंगे।
शुक्रवार को कपाट खुलने वाले दिन राहुल लिनचौली से पैदल चलकर केदारनाथ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक राहुल बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े दस बजे जौलीग्रांट पहुंचेंगे और इसके बाद गौरीकुंड जाएंगे।
यह पहला मौका है जब राहुल गांधी केदारनाथ पैदल जाएंगे। इससे पहले राहुल आपदा के बाद केदारनाथ का दौरा कर चुके हैं। गौरीकुंड से रामबाड़ा की दूरी करीब छह किलोमीटर है। यहां पैदल रास्ता बना दिया गया है पर रामबाड़ा में लोक निर्माण विभाग अभी पुल लगाने का काम पूरा नहीं कर पाया है। रामबाड़ा से लिनचौली करीब चार किलोमीटर है।
नौ ग्लेशियर पार कर पहुंचेंगे केदारधाम
लिनचौली से लेकर केदारनाथ के बीच करीब नौ स्थानों पर ग्लेशियर हैं। इन स्थानों पर बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। लिनचौली से केदारनाथ की दूरी करीब साढ़े पांच किलोमीटर की है।
जाहिर है कि राहुल गांधी को पहले दिन करीब सात किलोमीटर और दूसरे दिन करीब साढ़े पांच किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करना होगा।
केदारनाथ पर इस समय सरकार का पूरा फोकस है। जून 2013 की आपदा के बाद पिछले साल भी यात्रा फीकी रही थी। इस बार कपाट खुलने वाले दिन ही यात्रा में राहुल गांधी को शामिल कर प्रदेश सरकार ने यात्रा का आकर्षण बढ़ा दिया है। सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश देने की फिलहाल यह कोशिश है।
बहन की शादी के लिए मिले सिर्फ तीन दिन
राहुल गांधी की केदार यात्रा के कारण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) हाई अलर्ट पर है। राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए मुख्यमंत्री के नजदीकी और औद्योगिक सलाहकार रंजीत रावत ने भी केदारनाथ में व्यवस्था का जायजा लिया। पर कपाट खुलने और वीवीआईपी मूवमेंट का ही सबब है कि केदारधाम में पुनर्निर्माण से जुडे़ एक व्यक्ति को बहन की शादी के लिए मात्र तीन दिन की छुट्टी मिल पाई।
राष्ट्रपति को भी आना था केदार
इससे पहले राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को कपाट खुलने वाले दिन केदारनाथ आना था। राष्ट्रपति का दौरा बाद में स्थगित हुआ तो कपाट खुलने वाले दिन किसी वीवीआईपी के मूवमेंट की संभावना कम थी। अब राहुल गांधी इस कमी को पूरा कर रहे हैं।
राहुल के साथ प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, मुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेसी नेताओं के होने से पहले दिन का नजारा ही अलग होगा। राष्ट्रपति अब 18 मई को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं और इस दिन वे सदन को संबोधित करेंगे।