खेल संघों से राजनेताओं को दूर रहने की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नसीहत मानी जाए तो उत्तराखंड के कुछ बड़े नेताओं को भी कुर्सी छोड़नी होगी।
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प्रदेश के खेल निदेशालय में पंजीकृत 40 में से पांच खेल एसोसिएशनों पर नेता काबिज हैं। तीन पर भाजपा तो दो पर कांग्रेस नेता मठाधीश बने बैठे हैं। एक गैर पंजीकृत एसोसिएशन में कांग्रेस नेता का दबदबा है।
कांग्रेस और भाजपा के नेता बराबरी पर
खेल एसोसिएशनों में कब्जे के मामले में कांग्रेस और भाजपा नेता बराबरी पर हैं। भाजपा के तीन नेता तीन एसोसिएशनों के अध्यक्ष बने हुए हैं, जबकि कांग्रेस से एक ही नेता दो और एक नेता एक खेल एसोसिएशन पर काबिज हैं।
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कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल सीधे तौर पर किसी एसोसिएशन से जुड़े नहीं हैं, लेकिन उनके पुत्र सुमित अग्रवाल उत्तरांचल हैंडबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। हालांकि, सुमित का राजनीति से सीधा जुड़ाव नहीं है।
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उत्तराखंड के अफसर भी नेताओं से पीछे नहीं हैं। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने तीन एसोसिएशनों पर कब्जा किया हुआ है।
किस नेता का कौन सा ‘खेल’
सांसद केसी सिंह बाबा: उत्तरांचल बाडी बिल्डिंग एसोसिएशन और उत्तरांचल भारोत्तोलन एसोसिएशन। दोनों में अध्यक्ष। कांग्रेस नेता हैं।
भुवन चंद्र खंडूड़ी: भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उत्तरांचल तीरंदाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं।
नारायण सिंह राणा: भाजपा नेता, पूर्व खेल मंत्री। उत्तरांचल राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का जिम्मा संभाल रहे हैं।
केदार सिंह फोनिया: भाजपा नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री। उत्तरांचल क्याकिंग, कैनोइंग और राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
(उपरोक्त सभी एसोसिएशनें खेल निदेशालय में पंजीकृत हैं)
हीरा सिंह बिष्ट: कांग्रेस नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री। खेल निदेशालय में गैर पंजीकृत क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पद पर काबिज।
इन पर अफसरों का कब्जा
सुभाष कुमार: आईएएस अधिकारी और प्रदेश के मुख्य सचिव। उत्तरांचल स्टेट बास्केटबाल एसोसिएशन।
एसके भगत: आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में महानिदेशक विजिलेंस। उत्तरांचल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष।
अशोक कुमार: आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में आईटीबीपी में एडीजी पद पर तैनात। उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन में अध्यक्ष।
कुर्सी की लड़ाई ने अटकाई मान्यता
प्रदेश में किसी क्रिकेट एसोसिएशन को अब तक बीसीसीआई की मान्यता नहीं मिली है। बीसीसीआई ने क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड (सीएयू) और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) में एका होने की सूरत में ही मान्यता देने की बात कही है।
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लेकिन सूत्र बताते हैं कि सीएयू अध्यक्ष पद पर अपने पदाधिकारी को बिठाने की बात पर अड़ी है, जबकि यूसीए भी यही पद चाहती है।