आदेश में कहा गया है कि मोटर मार्ग की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच की शिकायत प्राप्त होने पर डीएम ने अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई थी। इसमें वित्तीय और तकनीकी सदस्यों को भी शामिल किया गया था।
समिति ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी पकड़ी और इसे उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली के प्रावधानों के खिलाफ पाया। जांच कमेटी ने एसई गुप्ता को जांच पूरी होने तक मोटर मार्ग निर्माण से जुड़ी कार्यवाही को न करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन विभागीय अधिकारियों ने जांच कमेटी के निर्देशों को दरिकनार करते हुए कार्य जारी रखा। मामले से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए। जांच में सहयोग न देने व निविदा प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के मामले में दोनों इंजीनियरों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।