पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी पद से मुक्त होने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि वह आज जहां हैं, उत्तराखंड की वजह से हैं। उत्तराखंड के चुनाव पर उनका पूरा फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में वर्षों बाद गरीब एवं दलित मुख्यमंत्री बना है। सभी दलों को उनके अच्छे निर्णयों पर सहयोग करना चाहिए। पंजाब प्रभारी का पद छोड़ने के सवाल पर वह इसे टाल गए। उन्होंने कहा कि मीडिया के लोग जो चाहते हैं वही होगा। उधर हरीश रावत को पंजाब कांग्रेस प्रभारी के पद से हटाए जाने की चर्चा रही।
वापसी से पहले अपनी गलती स्वीकारें बागी
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए यदि जरूरी हुआ तो पूर्व में कांग्रेस से बगावत करने वालों को भी वापस लिया जा सकता है, लेकिन इससे पहले उन्हें अपनी गलती स्वीकारनी होगी।
अब हर महीने एक दिन गांव में बिताएंगे
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के लोग अब हर महीने एक दिन गांव में बिताएंगे। गांवों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे आम आदमी कांग्रेस से जुड़ेगा।
चीनी घुसपैठ की जानकारी न होना चिंताजनक
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगा प्रदेश है। जिसकी सीमा पर चीनी घुसपैठ की जानकारी सीएम के पास न होना चिंताजनक है।
पंजाब सरकार लेगी ठोस निर्णय
रावत ने कहा कि पंबाज सरकार जल्द ही कुछ ठोस निर्णय लेने जा रही है। तीन सौ यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। इसके अलावा बालू पर नियंत्रण हटाया जाएगा।