निजी निवेशकों का चयन टेंडर के माध्यम से होगा
उन्होंने बताया कि नदियों पर पहले से चल रही परियोजनाओं की कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह परियोजनाएं 45 साल के लिए होंगी, जिसके बाद राज्य सरकार के हवाले हो जाएंगी। नदियों पर चिन्हित क्षेत्रों में परियोजना बनाने में निजी निवेशकों का चयन टेंडर के माध्यम से होगा। वह अपने स्तर से स्थान चिन्ह्ति करके सरकार के सामने प्रस्ताव भी ला सकते हैं। ऑन स्ट्रीम के साथ ही ऑफ स्ट्रीम परियोजनाएं भी लगाई जा सकेंगी। सभी तरह की स्वीकृतियां मिलने के तीन साल के भीतर परियोजना का निर्माण करना होगा।
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गैस प्लांट से मिलेगी सस्ती बिजली, वैट शून्य
विदेशों से आने वाली लिक्विफाइड गैस की तर्ज पर अब काशीपुर स्थित दो गैस आधारित बिजली प्लांट के लिए आने वाली सीएनजी पर भी वैट शून्य होगा। इससे गैस आधारित प्लांट संचालित हो सकेंगे और प्रदेश में बिजली आपूर्ति की कमी को दूर किया जा सकेगा। इनसे बनने वाली बिजली भी सस्ती होगी।