महिला सुरक्षा पर नारी-2025 शीर्षक से जारी की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट के तथ्यों पर सवाल उठ रहे हैं। महिला आयोग और पुलिस ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। इस मामले में सर्वे करने वाली पी वैल्यू एनालिटिक्स कंपनी को नोटिस भेजा गया है। एसएसपी अजय सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर कंपनी के दावे को खारिज किया।
गौरतलब है कि गत दिनों पी वैल्यू एनालिटिक्स नाम की सर्वे कंपनी ने महिला सुरक्षा पर आधारित एक रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। इसमें बताया गया था कि देहरादून भारत के दस सबसे असुरक्षित शहरों में से एक है। महिला आयोग ने इस रिपोर्ट को तथ्यहीन बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। दून पुलिस ने इसकी जांच की तो इसमें मापदंड का उल्लंघन होने की बात सामने आई। यह बात तब और पुख्ता हो गई जब दून पुलिस ने अपने यहां दर्ज महिला अपराधाें से जुड़े मामलों की तुलना महिला सुरक्षा के लिहाज से देश के सबसे सुरक्षित शहर कहे जाने वाले कोहिमा से की।
एसएसपी अजय सिंह की ओर से सर्वे करने वाली कंपनी को नोटिस भेजा गया है। एसएसपी ने बताया कि यह सर्वेक्षण न तो राज्य महिला आयोग और न ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने कराया है। इसमें किसी भी सरकारी सर्वेक्षण संस्थान को शामिल नहीं किया गया है। सर्वेक्षण में शामिल किए गए देश के 31 शहरों में टेलीफोनिक बातचीत के आधार पर डाटा एकत्रित किया गया। इसमें सिर्फ 12770 महिलाओं को ही शामिल किया गया। इसमें दून की मात्र 400 महिलाएं शामिल हैं। जबकि यहां महिलाओं की आबादी करीब नौ लाख है।
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एसएसपी ने महिला अपराधों की रोकथाम के लिए संचालित सभी माध्यमों की विवेचन रिपोर्ट भी साझा की। इसमें दून महिला सुरक्षा में देश के सुरक्षित शहरों से भी आगे का स्थान प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि शोध मापदंडों का उल्लंघन कर डाटा एकत्रित किया गया है। कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। इस मामले की गहनता से जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।