एम्स प्रशासन ने राज्य सरकार पर संस्थान के सुचारु संचालन में कानून व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है। संस्थान का कहना है कि एम्स में आउटसोर्सिंग पर रखे गए ठेका कर्मियों को संबंधित ठेकेदार का कांट्रैक्ट समाप्त होने के बाद हटा दिया गया था।
वे अब एम्स के खिलाफ गैर कानूनी तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले उक्त कर्मी कार्यालय में तोड़फोड़ भी कर चुके हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं कर रही है।
एम्स प्रशासन ने संस्थान परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। एम्स के प्रवक्ता का कहना है कि संस्थान विरोध गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगा तो सोमवार से एम्स को बंद करना पड़ सकता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के प्रवक्ता हरीश थपलियाल ने बताया कि एम्स ऋषिकेश के खिलाफ बीते कुछ दिनों से पूर्व ठेका सफाई कर्मचारी गैर कानूनी तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हटाए गए 17 कर्मचारी पहले भी एम्स प्रशासन के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और कार्यालय में तोड़फोड़ कर चुके हैं। इन लोगों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है।