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गर्भस्थ शिशु और महिला की मौत पर हंगामा

Sat, 23 Aug 2014 09:33 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी दून के महंत इंद्रेश अस्पताल में शुक्रवार को गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
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तीखी नोकझोक
परिजन डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हंगामे के दौरान अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के साथ परिजनों की तीखी नोकझोक भी हुई। तनाव के मद्देनजर शहर के विभिन्न थानों की पुलिस अस्पताल में तैनात करनी पड़ी। परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है।

मूल रूप से गांव खिरौंगी तहसील करैल मैनपुरी (यूपी) निवासी गंभीर यादव की पत्नी जावित्री देवी का इलाज इंद्रेश अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. आरती शर्मा पिछले नौ माह से कर रही थीं। 19 अगस्त को जावित्री की तबियत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल ले आए।
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मृत शिशु को निकालने का दावा
डिलीवरी के लिए डॉक्टरों ने 24 अगस्त की तारीख दी थी। परिजनों का कहना है कि 19 अगस्त की शाम महिला का अल्ट्रासाउंड हुआ। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु के मृत होने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने तीन दिन बाद नार्मल डिलीवरी से मृत शिशु को निकालने का दावा किया।

कई बार कहने के बावजूद डॉक्टरों ने आपरेशन से मृत शिशु को बाहर नहीं निकाला। शुक्रवार दोपहर महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई। महिला को काफी ब्लीडिंग हो रही थी।

आरोप है कि बुलाने के बावजूद कोई भी डॉक्टर वहां नहीं पहुंचा। सिर्फ नर्सिंग स्टाफ ही उपचार के लिए आया। शाम करीब चार बजे महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया। महिला को आईसीयू में भर्ती कराया गया।

परिजन भड़क गए
कुछ देर बाद महिला की मौत की जानकारी परिजनों को दी गई। इस पर परिजन भड़क गए। रात करीब दस बजे तक पीड़ित परिवार के दून में रहने वाले कई रिश्तेदार और परिचित अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर को गर्भस्थ शिशु और महिला की मौत के लिए जिम्मेवार ठहराते हुए जमकर हंगामा किया।

सूचना पर एसपी सिटी अजय सिंह, इंस्पेक्टर पटेलनगर पंकज गैरोला समेत शहर के विभिन्न थानों से काफी फोर्स अस्पताल पहुंची। देर रात अस्पताल में तनाव को देखते पुलिस फोर्स तैनात थी।

उधर, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन पक्ष नहीं मिल पाया। पीड़ित परिवार पिछले करीब बीस साल से देहरादून में रह रहा है। गंभीर यादव यहां पर दून क्लब में वेटर की नौकरी करते हैं। उनका परिवार भी साथ ही रहता है। उनके दो बच्चे हैं।
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