देहरादून। फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए विदेशियों को ठगने वाले आरोपियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। इसके लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ एसटीएफ संपर्क कर रही है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसटीएफ को सुबूत मिले हैं कि इन ठगों ने कॉल सेंटर की काली कमाई से करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित की हैं।
बता दें, इस साल पहली बार एसटीएफ ने नशा तस्करों की संपत्तियों को सील किया था। बरेली के इन तस्करों के चल और अचल संपत्तियों के संबंध में जब्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। इसी क्रम में अब ठगी करने वालों के साथ भी यही किया जाएगा। एसटीएफ का सबसे बड़ा फोकस देहरादून में संचालित हुए कॉल सेंटरों के संचालकों पर है। इस साल कुल छह कॉल सेंटर पकड़े गए। इनमें 16 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि, इससे ज्यादा के नाम सामने आए थे। यह सब आरोपी छह राज्यों के रहने वाले हैं। दरअसल, गिरफ्तार आरोपियों में से ज्यादातर को जमानत मिल चुकी है। कारण है कि न तो धोखाधड़ी की आईपीसी की धाराओं सख्त प्रावधान है और न ही आईटी एक्ट में। आशंका रहती है कि आरोपी जेल से छूटने के बाद फिर से इन्हीं सब कामों में लग जाते हैं। चूंकि, लोगों को वित्तीय नुकसान पहुंचाकर इन्होंने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया है। इससे करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित की हैं। लिहाजा, आरोपियों की इन संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
नशा तस्करों की भी बन रही सूची
एसटीएफ के मुताबिक संपत्तियों को जब्त करने के लिए नशा तस्करों की सूची बनाई जा रही है। पेशेवर और बार-बार पकड़े गए लोगों की संपत्तियां सील और सीज की जाएंगी। इसके लिए 20 से ज्यादा नशा तस्करों की सूची बन रही है।
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ठगी और नशे के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। पहले भी नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की गई हैं। इनमें बरेली के कुछ तस्कर भी शामिल थे। इसी की तरह ठगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभिन्न राज्यों में इनकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ