ऊर्जा प्रदेश उत्तराखंड में ऊर्जा की हालत ठीक नहीं है। राज्य में 15 मिलियन यूनिट के आसपास बिजली उत्पादन हो रहा है।
खरीदनी पड़ी 150 मेगावाट बिजली
जबकि छह जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादन नहीं हुआ। सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए कॉरपोरेशन को एनटीपीसी से 150 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी।
रविवार को राज्य में अप्रतिबंधित विद्युत मांग 34.24 मिलियन यूनिट रही, जबकि उत्पादन 15.06 मिलियन यूनिट हुआ। केंद्रीय सेक्टर और अन्य स्रोतों से लेकर उपलब्धता 32.68 मिलियन यूनिट रही।
सोमवार को कालागढ़ (198 मेगावाट) से विद्युत उत्पादन नहीं हुआ। बारिश के कारण नदियों में अधिक सिल्ट आने के कारण छिबरो (240 मेगावाट) और खोदरी (120 मेगावाट) से सुबह साढे़ आठ बजे से अपराह्न ढाई बजे तक उत्पादन नहीं हुआ।
शाम चार बजे तक बंद रहे उत्पादन
छिबरो जल विद्युत गृह से सौ और खोदरी जल विद्युत गृह से 47 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ। ढकरानी (34 मेगावाट), ढालीपुर (51 मेगावाट) और कुल्हाल (30 मेगावाट) से दोपहर ढाई से शाम चार बजे तक बंद रहे।
दूसरी ओर खटीमा (40 मेगावाट) से 18 मेगावाट, मनेरी भाली प्रथम (90 मेगावाट) से 30 मेगावाट और मनेरी भाली द्वितीय (304 मेगावाट) से 190 मेगावाट बिजली पैदा हुई।
बिजली संकट के चलते ऊधमसिंह नगर और गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन घंटे, सिडकुल हरिद्वार और पंतनगर में आधा घंटे विद्युत कटौती करनी पड़ी। कारपोरेशन की मानें तो राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं भी कटौती नहीं हुई।