मसूरी में मंगलवार को मौसम गुमसुम रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। कड़ाके की ठंड एक बार फिर नगरवासियों पर भारी पड़ने वाली हैं। मौसम के रूख से लग रहा है कि नगर में भारी हिमपात हो सकता है।
बर्फबारी से अभी तक मुश्किल
पर्यटन नगरी में लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। बर्फवारी के चार दिन तक बिजली-पानी का संकट अभी खत्म नहीं हुआ। फिर से हिमपात होने की संभावना नजर आ रही है। मंगलवार को मौसम के तेवरों से यही अंदाजा लग रहा है।
नगर में कंपकंपी ठंड से लोग बैचेन हैं। अब लोगों का जीवन यापन करना दुश्कर होने लगा है। झुग्गी-झोंपडी में रहने वाले लोगों के सामने कई तरह की दिक्कतें आने लगी हैं।
बर्फबारी से नहीं हुआ फायदा
18 जनवरी को हुए हिमपात से नगरवासियों के खिले चेहरे मुरझाने लगे हैं। हाल ही में हुई बर्फबारी से व्यापारियों और होटल व्यवसायियों की उम्मीद जगी थी कि व्यापार बढ़ेगा। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी उम्मीद पर पानी फेर दिया।
कुठालगेट पर ही हिमपात देखने वाले सैलानियों के कदम रोक दिए गए थे। आमदनी पर बट्टा लगा ही और बिजली पानी ने अलग रूला दिया। अब फिर से हिमपात की संभावना को देख लोगों की हिम्मत टूटने लगी है।
लोग जुटाने लगे सामान
मगलवार शाम को मौसम का मिजाज देखने के बाद लोगों ने अपने घरों में राशन-पानी का एडवांस में इंतजाम करना शुरू दिया है। मसूरी में आबादी अधिकांश घर बाजारों से दूर हैं। बर्फबारी के बाद बाजार तक के रास्ते बंद हो जाते हैं। किसी तरह लोग पहुंच भी गए तो दुकानें बंद मिलती है।
हाल की बर्फवारी से सबक सीख लोगों ने राशन-पानी का इंतजाम करने लगे हैं। अबकी बर्फवारी हुई। तो क्या हाल होगा। यह चिंता लोगों का सताने लगी है।