हल्द्वानी में सेंट्रल हॉस्पिटल के डायरेक्टर और कार्डिक सर्जन के साथ मारपीट में दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर जिलाधिकारी और आईएमए के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
इस दौरान डीएम और डॉक्टरों के बीच कहासुनी भी हुई। इसके बाद आईएमए हल्द्वानी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। पहाड़ से शहर के निजी अस्पतालों में आने वाले लगभग 50 से 70 मरीजों को इस हड़ताल के चलते मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की हड़ताल का दबाव यहां के सरकारी अस्पतालों में रहेगा। सोमवार से आईएमए के आह्वान पर राज्य के समस्य निजी चिकित्सालय हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि रामड़ी आन सिंह निवासी रतन सिंह डोगरा (65) को सीने में दर्द होने की शिकायत पर बुधवार शाम सेंट्रल हॉस्पिटल लाया गया था। रात में लगभग 12.30 बजे मरीज की मृत्यु हो गई थी। बृहस्पतिवार की सुबह गुस्साए लोगों ने हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डायरेक्टर रमेश शर्मा और कार्डिक सर्जन डा. प्रमोद जोशी के साथ मारपीट कर तोड़फोड़ की थी।
मारपीट के विरोध में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और डॉक्टर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। आईएमए ने शनिवार सुबह आठ बजे तक गिरफ्तारी न होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। शनिवार को निजी अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप रहीं।
डॉक्टर आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवि सिंघल के नेतृत्व में जिलाधिकारी दीपक रावत के कैंप कार्यालय पहुंचे। आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सिंघल और हल्द्वानी उपाध्यक्ष डॉ. डीसी पंत समेत अन्य डाक्टरों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया मगर वार्ता बेनतीजा रही। मारपीट के विरोध में रुद्रपुर, काशीपुर, जसपुर, रामनगर और बाजपुर आईएमए ने भी समर्थन दिया और निजी हॉस्पिटल बंद रखे।