शिक्षा मंत्री ने सचिव विद्यालयी शिक्षा को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के अशासकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए सेवा अवधि में छूट की तैयारी है। मामले में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के विभागीय सचिव को निर्देश के बाद अपर शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में मंडल के सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है।
प्रदेश के कई अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य का पद खाली हैं। इन स्कूलों में डाउनग्रेड प्रधानाचार्य बनाए गए हैं। इनकी पांच साल की सेवा पूरी होने के बाद ही इन्हें प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति दी जाती है लेकिन अब डाउनग्रेड प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए सेवा अवधि में ढ़ाई साल की छूट दिए जाने की तैयारी है। उत्तराखंड अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ की मांग पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को पत्र लिखा है। जिस पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि राज्य कर्मचारियों की तरह पूर्ण सेवाकाल में एक बार पदोन्नति के लिए पांच साल की सेवा के स्थान पर ढाई साल की छूट दी जाए।
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अपर निदेशक ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट
अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल कंचन देवराड़ी ने डाउनग्रेड प्रधानाचार्यों की मंडल के सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। सभी सीईओ को जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूल का नाम दिए जाने के साथ ही छूट के लिए पात्र शिक्षक का नाम, पदनाम, वर्तमान पद पर कार्य करने की अवधि और वार्षिक वित्तीय व्यय भार की जानकारी दी जाए।
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अशासकीय स्कूलों में डाउनग्रेड प्रधानाचार्य को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। उनका वेतनमान पहले ही प्रधानाचार्य पद के समान है। सेवा अवधि में छूट से मिलने वाली पदोन्नति से उन्हें प्रधानाचार्य पद का सम्मान मिलेगा।
महादेव मैठाणी, प्रांतीय महामंत्री, अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ