ये होंगे पात्र, पंजीकरण के लिए ये होगा जरूरी
इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 150 तरह के अलग-अलग नियोजन क्षेत्रों को चुना है। प्रमुख रूप से यह योजना रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, रिक्शा चालकों, निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों, कूड़ा बीनने वालों, बीड़ी बनाने वालों, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार, अखबार बांटने वालों के साथ ही असंगठित क्षेत्र में तमाम दूसरे काम करने वालों को कवर करेगी। 10 से कामगारों वाले संस्थान को असंगठित क्षेत्र माना जाता है। पहले से ही केंद्र सरकार की सहायता वाली किसी अन्य पेंशन स्कीम का सदस्य होने पर संबंधित कामगार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
स्वामी विवेकानंद, दीनदयाल उपाध्याय और गुरु माधव सदाशिव गोलवलकर, सभी का यह मानना था कि दरिद्र नारायण में भगवान रहते हैं। विकास की पंक्ति में सबसे नीचे खड़े व्यक्ति को ऊपर उठाना ही जीवन की सबसे बड़ी सिद्धि है। श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। ऐसे मजदूरों की प्रधानमंत्री ने सुध ली है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वे गरीबों के लिए बड़े काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस संकल्प को पूरा किया है। अटल जी ने भी कहा था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। प्रधानमंत्री जी ने बड़ा मन दिखाया है। इससे निश्चित तौर पर गरीब कामगारों को बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
-डॉ.हरक सिंह रावत, श्रम मंत्री, उत्तराखंड