मामले की जानकारी होने पर एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार कृष्ण राम, कोतवाल ध्यान सिंह, एसआई दीपक बिष्ट, राजस्व उप निरीक्षक अर्जुन सिंह समेत पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। करीब 2 घंटे तक चलाए गए अभियान में ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से निकाला गया।
आशंका है कि नैनीताल से किलबरी की ओर जाते समय ओलावृष्टि के चलते वाहन फिसलकर अनियंत्रित हो गया होगा और खाई में गिर गया होगा। गोधन के तीन बच्चे और पत्नी है। वहीं पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। इस दौरान खुशाल सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान मोहन, मदन सुयाल, प्रकाश चंद्र, दिनेश शर्मा, सुंदर, बाबू सिंह, दीपक मटियाली, रमेश आदि थे।
दुर्घटना वाले स्थान पर नहीं था पैरापिट
नगर और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक सप्ताह से बर्फबारी और ओलावृष्टि होती रही। इससे पंगूट मार्ग पर अभी भी 2 से 3 इंच तक बर्फ की सफेद चादर बिछी है। सड़क किनारे जमे ओलों पर फिसलकर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं नैनीताल का पंगूट मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील होने के बावजूद कई स्थानों पर सड़क किनारे पैरापिट नदारद है। लोगों का कहना था कि जिस स्थान से वाहन खाई में गिरा, यदि वहां पैरापिट होते तो शायद वाहन दुर्घटनाग्रस्त नहीं होता।