यौन शोषण मामले में फंसे प्रदीप सांगवान ने गुरुवार को भी न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय सिमरनजीत कौर की अदालत में सरेंडर नहीं किया।
15 जुलाई तक सरेंडर नहीं किया तो होगी परेशानी
अब यदि उसने 15 जुलाई तक सरेंडर नहीं किया तो अदालत उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस 15 जुलाई तक सांगवान को गिरफ्तार नहीं कर सकती।
ऐसे में सांगवान के पास सरेंडर के लिए अब सिर्फ पांच दिन का समय बचा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिमरनजीत कौर और सेशन जज राम सिंह की अदालत में सांगवान की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।
अब उसके पास सरेंडर करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
बढ़ेगी सांगवान की मुसीबत
इस मामले में पीड़ित युवती को सांगवान से पैसों के लेनदेन में गिरफ्तार किया गया था। इस लेनदेन में सांगवान का भी हाथ था, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कानून के जानकारों की मानें तो पुलिस इस प्रकरण में धारा 120 बी (षडयंत्र) में सांगवान के खिलाफ अलग चार्जशीट दाखिल कर सकती है। वहीं, इस मामले में पुलिस युवती के खिलाफ शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।